Rajsamand News: राजसमंद की देसूरी नाल घाट की खस्ताहाल सड़कें अब जानलेवा बनती जा रही हैं. बता दें कि महज 12 फीट चौड़ी सड़क पर बने 7 फीट तक गहरे और चौड़े खड्डे लगातार दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं.
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आज फिर एक वाहन चालक आमेट से देसूरी की ओर जा रहा था, तभी उनकी कार सड़क के बीचों-बीच बने एक गहरे खड्डे में फंस गई. गनीमत यह रही कि आगे ही एक बड़ा पत्थर टकरा जाने से वाहन रुक गया और बड़ा हादसा टल गया. चालक को कोई गंभीर चोट नहीं आई, लेकिन वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया.
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वाहन चालक ने कहा कि टोल टैक्स वसूली जारी, लेकिन सड़क की मरम्मत नहीं की जा रही है. ऐसे में अब सवाल उठ रहा है कि आखिर कब तक आमजन अपनी जान जोखिम में डालकर इन सड़कों से गुज़रते रहेंगे? अगर जल्द मरम्मत नहीं हुई, तो यह सड़क एक और बड़ा हादसा बुला सकती है. देसूरी नाल घाट पर लगातार हादसे होते रहते हैं लेकिन प्रशासन इस और कोई ध्यान नहीं दे रहा है.
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बता दें कि “देसूरी की नाल” राजस्थान के पाली और राजसमंद जिलों को जोड़ने वाली बेहद ख़तरे वाली सड़क है, जिसे मारवाड़ और मेवाड़ को जोड़ने वाला मार्ग कहा जाता है. अरावली की पहाड़ियों के बीच से गुजरने वाली यह सड़क अपने तीखे मोड़ों, खाईयों और न्यूनतम सुरक्षा व्यवस्थाओं के कारण बेहद खतरनाक मानी जाती है.
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देसूरी की नाल सड़क विशेष रूप से स्थानीय लोगों और पर्यटकों के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह रणकपुर, कुंभलगढ़, और उदयपुर जैसे पर्यटन स्थलों की ओर जाने वाले मार्गों से जुड़ी है.
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यह सड़क रणकपुर के प्रसिद्ध जैन मंदिर और कुंभलगढ़ किले जैसे पर्यटन स्थलों तक पहुंचने के लिए महत्वपूर्ण है. यह एक पहाड़ी सड़क है, जिसमें खड़ी चढ़ाई और तीखे मोड़ हैं, जो ड्राइविंग को चुनौतीपूर्ण बनाते हैं. मानसून के दौरान (जून- अगस्त) सड़क फिसलन भरी हो सकती है, और भूस्खलन का खतरा रहता है.
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इस सड़क पर बारिश के मौसम में सफर सावधानी से ही कर सकते हैं. बारिश के कारण सड़क पर भूस्खलन का खतरा रह सकता है, इसलिए यात्रा से पहले मौसम और सड़क की स्थिति की जांच करें. छोटे वाहनों का उपयोग करें, क्योंकि सड़क संकरी और मोड़दार है. रात में यात्रा से बचें, क्योंकि विजिबिलिटी कम हो सकती है.