Rajsamand News : राजसमन्द जिले में चल रहे सीड्स बॉल अभियान के तहत इस सप्ताह महिलाओं द्वारा गोरमघाट, टाडगढ़, पिपलीनगर और काछबली की पहाड़ियों पर हरियाली का बीजारोपण किया गया.
1/7
Rajsamand News
राजसमन्द जिले में चल रहे सीड्स बॉल अभियान के तहत इस सप्ताह महिलाओं द्वारा गोरमघाट, टाडगढ़, पिपलीनगर और काछबली की पहाड़ियों पर हरियाली का बीजारोपण किया गया.
2/7
Rajsamand News
जहां एक ओर दुनिया जलवायु परिवर्तन, पेड़ों की कटाई और बढ़ते प्रदूषण से जूझ रही है, वहीं राजसमंद जिले में महिलाओं की एक टोली प्रकृति से गहरे जुड़ाव की मिसाल पेश कर रही है.
3/7
Rajsamand News
ये लोग बंजर पहाड़ियों को भी हराभरा करने का अनोखा तरीका अपनाकर समाज को पर्यावरण संरक्षण का नया मंत्र दे रहे हैं. महिलाएं कंधे पर टोकरी लिए, हाथ में सीड्स बॉल और पास में बच्चों की गुलेल जैसी लकड़ी की वस्तु लेकर चलती है.
4/7
Rajsamand News
ये राजसमंद की महिलाओं की मेहनत और समर्पण का जीवंत उदाहरण है, जो पिछले एक माह से सांसद महिमा कुमार मेवाड़ की प्रेरणा से सीड्स बॉल अभियान के जरिये सैकड़ों एकड़ बंजर पहाड़ियों को फिर से हरा-भरा बनाने की ठानी है.
5/7
Rajsamand News
सीड्स बॉल अभियान का तीसरा चरण पूरा हो चुका है और पिपलीनगर,काछबली की पहाड़ियों पर हरियाली का बीजारोपण हो चुका है. मिट्टी-गोबर से बने बीजों के गोले प्रकृति को नया जीवन दे रहे हैं
6/7
Rajsamand News
दरअसल सीड बॉल अभियान से बीज को गेंद की तरह बनाकर फेंका जाता है. ये एक प्राचीन तकनीक है जिसका इस्तेमाल राजस्थान में भी किया जा रहा है. गेंद जैसे दिखने वाले ये बीज मिट्टी-खाद और कार्बनिक पदार्थ से लिपटे हुए होते हैं. जिन्हे किसी दूर तक फेंक दिया जाता है. जहां बीज अंकुरित होकर पौधा बन जाता है.
7/7
Rajsamand News
सीड बॉल अभियान वनों की कटाई और पर्यावरण हो रहे नुकसान के बीच एक अच्छा तरीका है, हवा को शुद्ध रखने के का, ये सस्ता भी है और बहुत आसान भी.