अलवर धर्मांतरण केस: बच्चों ने खोली पोल- हमें भगवान श्रीराम-श्रीकृष्ण के खिलाफ भड़काया जाता है और...

Alwar News: अलवर जिले के उद्योग नगर थाना क्षेत्र में गोलेटा गांव में चल रहे एक हॉस्टल में धर्म परिवर्तन का मामला सामने आया है. यह धर्म परिवर्तन विगत 16 साल से यहां किया जा रहा था लेकिन खुलासा अभी हुआ है. खुफिया इनपुट के बाद उद्योग नगर थाना प्रभारी अजीत बड़सरा ने इस पर कार्रवाई की है. मुकदमा दर्ज कराया है. इसमें दो जनों को हिरासत में लिया गया है और इस हॉस्टल में करीब 50 बच्चे पढ़ाई करते हैं.
 

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यहां सबसे बड़ी बात यह है कि स्कूल की चारदिवारी 10-12 फीट ऊंची है. बाहर से उसमें कुछ दिखाई नहीं देता. सारा कुछ अंदर चलता रहता है. बच्चों को बाहर भी नहीं भेजा जाता. सिर्फ बच्चों के परिजनों को हॉस्टल में ही बुलाया जाता है. उनसे मिलाया जाता है. बाहर बिल्कुल नहीं भेजा जाता. बच्चे खुद शिकायत कर रहे हैं कि हमें हमारे देवी-देवताओं के खिलाफ बोला जाता है, भड़काया जाता है. स्थानीय प्रत्यक्षदर्शी इस बात को कह रहे हैं कि कुछ बच्चे दीवार कूद कर भाग रहे हैं. वह अपने आप को यहां बंधक महसूस करते हैं.
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उन्होंने बताया कि सिल्वा चरण एक व्यक्ति है, जो 16 साल से यहां पर ईसाई मिशनरी के रूप में काम कर रहा है, जो गरीब बच्चों को धर्म परिवर्तन कराता है. यह पहले सीकर में धर्म परिवर्तन करते थे. वहां पर भी इसके खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ. फिर वहां पुलिस ने गिरफ्तारी भी की. अब अलवर में इस हॉस्टल को अमरीत निवासी गुजरात है, जो कन्वर्टेड ईसाई है और उनकी पत्नी मार्था है. जो यहां इसको संचालित कर रही हैं. हॉस्टल में करीब 50 बच्चे अध्यनरत हैं और यह बच्चे बाहर अन्य स्कूलों में पढ़ते हैं लेकिन सुबह और शाम हॉस्टल में धार्मिक शिक्षा के नाम पर इनको हिंदू देवी-देवताओं की बुराई कर कर धर्म परिवर्तन की बात कही जाती है. रविवार को प्रार्थना में इन बच्चों के परिजनों को भी बुलाकर उन्हें ईसा मसीह के बारे में समझाया जाता है और हिंदू धर्म को छोड़ने की बात कही जाती है.