Salasar Balaji Dham: सालासर बालाजी धाम एक मात्र ऐसा मंदिर हैं, जहां हनुमान जी दाढ़ी-मूछ में नजर आते हैं. कहते हैं कि बालाजी महाराज भक्तों की सारी इच्छा पूरी करते हैं. ऐसे में आज हम आपको उनकी अर्जी लगाने का सही तरीका बताने जा रहे हैं.
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सालासर बालाजी में अर्जी लगाना एक प्रार्थना या मनोकामना है, जो भक्त अपनी किसी समस्या या इच्छा पूर्ति के लिए भगवान बालाजी के दरबार में लगाते हैं.
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सालासर बालाजी धाम में अर्जी लगाने के लिए आप मंदिर जाकर एक नारियल, लाल कपड़े में लपेटे और उसके बाद अपनी समस्या और नाम-गोत्र लिखकर अर्जी लगा सकते हैं.
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सबसे पहले मंदिर के बाहर से प्रसाद (सवा शेर लड्डू, नारियल, लाल कपड़ा) खरीद लें. फिर एक कागज पर अपना नाम, पिता का नाम और पता और 3 समस्याओं को लिखें.
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फिर खरीदे हुए नारियल को लाल कपड़े में लपेट लें. इसके बाद प्रसाद, नारियल और कागज की पर्ची बालाजी महाराज के चरणों में अर्पित कर दें. इसके बाद सच्चे मन से बालाजी महाराज से अपनी समस्याओं के समाधान के लिए प्रार्थना करें.
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सालासर बालाजी के नाम से फेमस इस मंदिर की स्थापना मोहनदास महाराज ने 1811 में श्रावण शुक्ल नवमी को की थी.
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कहते हैं कि मोहनदासजी भक्ति से खुश होकर हनुमानजी आसोटा में मूर्ति रूप में प्रकट हुए और अपने भक्त की मनोकामना पूर्ण की. इसके बाद मूर्ति की सालासर में प्राण प्रतिष्ठा हुई थी.
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सालासर बालाजी मंदिर में भक्त बूंदी के लड्डू, बाजरे का चूरमा, और पेड़े का भोग लगाते हैं, जो लोकप्रिय प्रसाद हैं. (डिस्क्लेमर- ये लेख सामान्य जानकारी और लोगों द्वारा बताई गई कहानियों पर आधारित है, इसकी ज़ी मीडिया पुष्टि नहीं करता है.)