Rajasthan News: सांचौर के नेहड़ क्षेत्र में अतिवृष्टि के कारण 19 स्कूलों में 2000 से अधिक विद्यार्थियों की पढ़ाई तीन हफ्तों से ठप है. स्कूलों तक जाने के रास्ते पूरी तरह से पानी में डूबे हैं, जिससे बच्चों का भविष्य खतरे में है.
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Sanchore News
राजस्थान के जालोर जिले में स्थित सांचौर के चितलवाना उपखंड का नेहड़ क्षेत्र इस समय भारी परेशानियों का सामना कर रहा है. पिछले दिनों हुई अत्यधिक बारिश और लूणी नदी में पानी की तेज आवक के कारण यहाँ जलभराव की स्थिति बनी हुई है, जिससे 19 सरकारी स्कूलों में पिछले तीन हफ्तों से पढ़ाई पूरी तरह से ठप है. इस कारण 2,000 से अधिक विद्यार्थी सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं.
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स्कूलों तक जाने का रास्ता बंद
जलभराव की वजह से सुराचंद, जानवी, खेजड़याली, हाड़ेचा, रामपुरा, चितलवाना, सूथड़ी, टांपी और होथीगांव जैसी 8 ग्राम पंचायतों के स्कूलों तक पहुंचने वाले रास्ते पानी में डूब गए हैं.
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ग्रामीण परेशान
कुछ जगहों पर तो पुलिया तक बह गए हैं, जिससे विद्यार्थियों के साथ-साथ शिक्षक भी स्कूल नहीं जा पा रहे हैं. इस गंभीर समस्या से चिंतित अभिभावक और ग्रामीण लगातार प्रशासन से मदद की गुहार लगा रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है.
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प्रशासन की अनदेखी
ग्रामीणों का कहना है कि यह समस्या हर साल आती है, लेकिन इस बार जलभराव ज्यादा समय तक बना हुआ है. वे प्रशासन से उम्मीद लगाए बैठे हैं कि नाव या ट्रैक्टर जैसी कोई अस्थायी व्यवस्था की जाए, ताकि बच्चों की पढ़ाई जारी रह सके. हालांकि, अभी तक न तो जल निकासी का कोई काम हुआ है और न ही परिवहन की कोई व्यवस्था की गई है.
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शैक्षणिक सत्र
स्थानीय निवासी कानजीराम ने बताया कि बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह से रुक गई है. बारिश के जाने के बाद जब तक हालात सामान्य होते हैं, तब तक शैक्षणिक सत्र का एक बड़ा हिस्सा बर्बाद हो चुका होता है. उन्होंने कहा कि जब तक इस समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला जाता, तब तक यह हर साल बच्चों के भविष्य पर असर डालती रहेगी.
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राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय
यह स्थिति राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय सुराचंद (397 विद्यार्थी), खेजड़याली (217 विद्यार्थी), और होथीगांव (336 विद्यार्थी) के साथ-साथ अन्य छोटे स्कूलों के लिए भी एक बड़ी चिंता का विषय है.