Hanuman Beniwal: राजस्थान हाईकोर्ट ने 2021 की सब-इंस्पेक्टर (SI) भर्ती परीक्षा को रद्द कर दिया है, जो पेपर लीक और घोटाले के आरोपों से घिरी हुई थी. इस फैसले ने न केवल लाखों युवाओं को राहत दी है, बल्कि राजनीतिक हलचल भी तेज कर दी है. नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने लंबे समय से इस मुद्दे पर आंदोलन चलाया था, जिससे उन्हें युवा वोट बैंक में मजबूत पकड़ बनाने का सुनहरा अवसर मिला है. आइए, जानते हैं विस्तार से...
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हनुमान बेनीवाल को क्या सियासी फायदा हो सकता है?
हनुमान बेनीवाल, राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के प्रमुख और नागौर से लोकसभा सांसद, ने SI भर्ती घोटाले को लेकर सरकार पर लगातार दबाव बनाया था. उन्होंने जयपुर के शहीद स्मारक पर 'युवा आक्रोश महारैली' का आयोजन किया, जहां लाखों युवाओं को एकजुट किया. लोकसभा में उन्होंने RPSC के पुनर्गठन और CBI जांच की मांग उठाई, जिससे वे 'युवा हितैषी' और 'भ्रष्टाचार विरोधी' नेता के रूप में उभरे हैं.
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युवा वोट बैंक मजबूत
बेनीवाल ने आरोप लगाया कि भजनलाल सरकार के मंत्री (जैसे के.के. विश्नोई) और RPSC अधिकारियों ने घोटाले में मिलीभगत की. हाईकोर्ट के फैसले को वे अपनी जीत बता रहे हैं, जिससे युवा मतदाताओं में उनकी लोकप्रियता बढ़ी है. आगामी लोकसभा या विधानसभा चुनावों में यह उन्हें फायदा पहुंचा सकता है, खासकर जाट-प्रधान इलाकों में जहां RLP का जनाधार है.
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राष्ट्रीय स्तर पर छवि
बेनीवाल ने 'दिल्ली कूच' और रेल रोको जैसे आंदोलनों की चेतावनी दी थी. कोर्ट के फैसले से वे राष्ट्रीय युवा आंदोलन के नेता के रूप में स्थापित हो सकते हैं. इससे BJP पर दबाव बनेगा, क्योंकि बेनीवाल पूर्व BJP सहयोगी रहे हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि यह उन्हें विपक्षी गठबंधनों में मजबूत बनाएगा, खासकर 2029 के आम चुनावों में. हालांकि, BJP ने इसे 'न्यायिक फैसला' बताकर बेनीवाल के श्रेय को कम करने की कोशिश की है. फिर भी, युवाओं के बीच उनकी स्वीकार्यता बढ़ने से सियासी लाभ तय माने जा रहे हैं.
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राजस्थान में कितने प्रतिशत युवा वोटर हैं?
राजस्थान में युवा वोटरों (18-30 वर्ष) का प्रतिशत कुल मतदाताओं का लगभग 32-35% है, जो राज्य की राजनीति को प्रभावित करता है. 2023 विधानसभा चुनाव में कुल 5.29 करोड़ मतदाता थे, जिसमें 18-30 वर्ष के 1.71 करोड़ युवा मतदाता (कुल का 32%) शामिल थे.
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पहली बार वोटर
लोकसभा चुनाव 2024 के लिए कुल 5.32 करोड़ मतदाता हैं, जिसमें 15.54 लाख नए मतदाता जोड़े गए. युवा वोटरों का प्रतिशत लगभग 33% (1.75 करोड़) है, जो 2019 के 63.71% मतदान प्रतिशत से प्रेरित होकर महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं. महिलाओं का लिंग अनुपात 921:1000 है, और युवाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ी है.
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राजनीतिक महत्व
युवा वोटर बेरोजगारी और भर्ती घोटालों जैसे मुद्दों पर संवेदनशील हैं, जो SI रद्दीकरण जैसे फैसलों से प्रभावित होते हैं.
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राजनीतिक महत्व
2025 में SSR (स्पेशल समरी रिवीजन) से युवा वोटरों की संख्या और बढ़ेगी.