26 दिन दो मौत, कनकटी ने शिकार तो किया लेकिन उसे खाया नहीं

Ranthambore National Park : रणथंभौर में रेंजर के शिकार के बाद बाघिन को अब बाड़े में शिफ्ट करने का फैसला किया गया है. लेकिन जहां उसे शिफ्ट करने की बात कही जा रही है, वो इलाका केवला देवी और रणथंभौर टाइगर रिजर्व के बीच का है. जहां पहले से ही कई बार बाघों के बीच संघर्ष की घटनाएं होती रही हैं.
 

1/6

Ranthambore National Park

क्या आदमखोर नहीं हुई है कनकटी ?1/6
विशेषज्ञों के मुताबिक कनकटी बहुत ज्यादा आक्रामक है और अपने इलाके में किसी और की एंट्री उसे पसंद नहीं है. कनकटी उर्फ अन्वी -टाइग्रेस टी 84 ऐरोहेड की बेटी है. ये महज 2 साल की है और अपनी टेरेटरी को बनाने की कोशिश में लगी है. दोनों ही शिकार करने के बाद बाघिन ने उसे खाया नहीं , ऐसे में ये कहना की वो आदमखोर हो चुकी है जल्दबाजी होगी.
2/6

Ranthambore National Park

जंगल में सत्ता की लड़ाई2/6
रणथंभौर में टाइगर्स की तादात ज्यादा है और टेरेटरी कम हो रही है. इसलिए लड़ाईयां भी होने लगी हैं. एक मेल टाइगर को करीब 50 स्क्वायर किमी तो फीमेल को 25-30 स्क्वायर किमी का इलाका चाहिए जो अब सिमट रहा है. ऐसे में बाघिन सिद्धि के साथ कनकटी की फाइट होती रहती है