Rajasthan Quiz: राजस्थान का जालौर जिला 2011 की जनगणना में 54.9% साक्षरता दर के साथ राज्य में सबसे पिछ़ड़ा जिला रहा था. पुरुष साक्षरता 70.67% और महिला साक्षरता 38.47% रही. जालौर के पीछे रहने के पीछे कई कारण रहे हैं.
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राजस्थान
राजस्थान अपनी ऐतिहासिक धरोहर, सांस्कृतिक विविधता और भौगोलिक विस्तार के लिए पूरे देश में प्रसिद्ध है. लेकिन शिक्षा के क्षेत्र में यह राज्य अभी भी कई चुनौतियों से जूझ रहा है.
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जालौर की साक्षरता दर
2011 की जनगणना के अनुसार, राजस्थान का जालौर जिला राज्य का सबसे कम साक्षरता वाला जिला दर्ज किया गया. यहां कुल साक्षरता दर मात्र 54.9 प्रतिशत थी, जो कि राजस्थान की औसत साक्षरता दर से काफी कम है. अगर वहीं राजस्थान की औसत साक्षरता दर की बात करें तो यह 67.06% है.
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लिंग और क्षेत्रफल अनुसार साक्षरता दर
2011 जनगणना के अनुसार जालौर में पुरुष साक्षरता दर लगभग 70.67% थी, वहीं महिलाओं की साक्षरता दर केवल 38.47% दर्ज की गई थी. इसी तरह शहरी क्षेत्रों में साक्षरता दर 71.08% थी, जिसमें पुरुषों की दर 84.15% और महिलाओं की 56.95% थी. इसके विपरीत ग्रामीण इलाकों में कुल साक्षरता दर सिर्फ 53.34% रही, जिसमें पुरुषों की दर 69.38% और महिलाओं की दर मात्र 36.78% थी.
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कारण
जालौर जिले की साक्षरता दर कम होने के पीछे कई सामाजिक और भौगोलिक कारण रहे हैं. जिले में ग्रामीण और आदिवासी आबादी की संख्या अधिक है, जहां आज भी शिक्षा तक पहुंच सीमित है. बालिकाओं की शिक्षा में रुकावटें, स्कूलों की कमी, लंबी दूरी और जागरूकता की कमी जैसी समस्याएं इस स्थिति के लिए जिम्मेदार मानी जाती हैं.
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शिक्षा के अभाव से विकास पर असर
विशेषज्ञों का मानना है कि शिक्षा के अभाव ने जिले के समग्र विकास पर भी असर डाला है. साक्षरता की कमी न केवल रोज़गार और आजीविका के अवसरों को सीमित करती है, बल्कि महिलाओं के सशक्तिकरण, स्वास्थ्य सुविधाओं के उपयोग और सामाजिक जागरूकता को भी प्रभावित करती है.
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स्थिति में सुधार के किए गए प्रयास
हालांकि पिछले कुछ वर्षों में स्थिति में सुधार के प्रयास किए गए हैं. राज्य सरकार और विभिन्न गैर-सरकारी संगठनों ने शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं. इनमें विशेष रूप से बालिकाओं की शिक्षा पर जोर दिया जा रहा है. विद्यालयों का आधारभूत ढांचा सुधारने, छात्रवृत्ति देने और अभिभावकों को जागरूक करने जैसी योजनाओं ने धीरे-धीरे असर दिखाना शुरू किया है.
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Disclaimer
प्रिय पाठक, हमारी यह खबर पढ़ने के लिए शुक्रिया. यह खबर आपको केवल जागरूक करने के मकसद से लिखी गई है. हमने इसको लिखने में सामान्य जानकारियों की मदद ली है. Zee Rajasthan इसकी पुष्टि नहीं करता है.