Tripura Sundari Shaktipeeth: 25 सितंबर को प्रधानमंत्री मोदी बांसवाड़ा के त्रिपुरा सुंदरी मंदिर आएंगे. 52 शक्तिपीठों में से एक इस मंदिर में देवी तीन रूपों में दर्शन देती हैं. यह मंदिर अपनी 18 भुजाओं वाली प्रतिमा और भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करने के लिए प्रसिद्ध है.
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Tripura Sundari Shaktipeeth
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 सितंबर को बांसवाड़ा के प्रसिद्ध त्रिपुरा सुंदरी मंदिर में दर्शन के लिए आ रहे हैं. प्रधानमंत्री बनने के बाद यह उनका पहला दौरा होगा. यह मंदिर न सिर्फ अपनी धार्मिक मान्यताओं के लिए जाना जाता है, बल्कि यह 52 शक्तिपीठों में से एक होने के कारण भी विशेष महत्व रखता है.
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शक्तिपीठ का महत्व
पौराणिक कथाओं के अनुसार, त्रिपुरा सुंदरी उन्हीं 52 शक्तिपीठों में से एक है, जहां देवी सती के अंग गिरे थे. इस वजह से इसकी धार्मिक महत्ता बहुत अधिक है.
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तीन रूपों में दर्शन
भक्तों का मानना है कि देवी यहां दिन में तीन अलग-अलग रूपों में दर्शन देती हैं- प्रातःकाल: कुमारिका (बालिका) के रूप में, दोपहर यौवना (युवा), और सायंकाल प्रौढ़ा (परिपक्व) रूप में दर्शन देती हैं, यही कारण है कि इन्हें त्रिपुरा सुंदरी कहा जाता है.
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अठारह भुजाओं वाली प्रतिमा
मंदिर के गर्भगृह में मां दुर्गा की एक बेहद आकर्षक प्रतिमा है. यह प्रतिमा श्यामवर्णी है और इसमें देवी को विविध अस्त्र-शस्त्रों के साथ अठारह भुजाओं में दिखाया गया है.
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42 भैरवों और 64 योगिनियों का अंकन
देवी की मुख्य मूर्ति के पीछे की ओर, 42 भैरवों और 64 योगिनियों की सुंदर प्रतिमाएं बनी हुई हैं, जो इस मंदिर की वास्तुकला को खास बनाती हैं.
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मनोकामनाओं की पूर्ति
यह मंदिर भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करने के लिए बहुत प्रसिद्ध है. यहां आने वाले हर भक्त को विश्वास होता है कि उसकी मुरादें जरूर पूरी होंगी.
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नेताओं का आस्था केंद्र
इस मंदिर की महत्ता के चलते, देश के कई बड़े नेता यहां आकर माथा टेक चुके हैं. इनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, अमित शाह, वसुंधरा राजे और अशोक गहलोत भी शामिल हैं.
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नाम के पीछे एक और मान्यता
एक अन्य मान्यता के अनुसार, मंदिर के आस-पास पहले तीन दुर्ग (शक्तिपुरी, शिवपुरी और विष्णुपुरी) थे, जिनके बीच स्थित होने के कारण देवी का नाम त्रिपुरा सुंदरी पड़ा.
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मंदिर
यह मंदिर न केवल एक धार्मिक केंद्र है, बल्कि यह आस्था, परंपरा और वास्तुकला का एक अद्भुत संगम भी है. प्रधानमंत्री का यहां आना इसकी महत्ता को और बढ़ाएगा.
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मंदिर
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