Marriage muhurat: देशभर में विवाह की रौनक एक बार फिर लौटने वाली है. क्योंकि देवउठनी एकादशी से शादियों का शुभ समय शुरू हो रहा है. अब 1 नवंबर को देवउठनी एकादशी से विवाह समारोह फिर से शुरू हो जाएंगे.
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देशभर में विवाह की रौनक एक बार फिर लौटने वाली है. क्योंकि देवउठनी एकादशी से शादियों का शुभ समय शुरू हो रहा है. 6 जुलाई को देवशयनी एकादशी के बाद से ही शादियों के सावे बंद हो गए थे, जिसके कारण लगभग चार महीने तक शहनाई नहीं बजी. अब 1 नवंबर को देवउठनी एकादशी से विवाह समारोह फिर से शुरू हो जाएंगे.
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देवउठनी एकादशी का मुहूर्त 'अबूझ सावा' माना जाता है. इसलिए इस दिन सबसे ज्यादा शादियां होती हैं. अकेले इस दिन प्रदेश में करीब 30 हजार शादियां होने की उम्मीद है. 1 नवंबर से 15 दिसंबर तक विवाह के कई शुभ मुहूर्त हैं. इसके बाद 15 दिसंबर से 14 जनवरी तक मलमास रहेगा, जिसमें कोई भी विवाह मुहूर्त नहीं होगा.
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नवंबर– 1 (देवउठनी एकादशी), 2, 22, 23, 24, 25, 27, 29 और 30 को शुभ मुहुर्त है. दिसंबर- 4, 5, 6 और 11 का शुभ मुहुर्त है. इसके बाद 2026 के लिए श्रेष्ठ विवाह मुहूर्त जनवरी-22, 23, 25 और 28 को है. फरवरी- 5, 6, 8, 10, 12, 14, 19, 20, 21, 24, 25, 26 को शुभ मुहुर्त है. इसके बाद मार्च में- 1, 3, 4, 7, 8, 9, 11, 13 को शुभ मुहुर्त है.
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अप्रैल में-15, 20, 21, 25, 27, 28, 29 को शुभ मुहुर्त है. मई में- 6, 13, 23, 25, 26, 28, 29 को शुभ मुहुर्त है. जून में- 1, 2, 4, 5, 11, 19, 21, 28 को शुभ मुहुर्त है. जुलाई में- 1, 6, 7, 11 को शुभ मुहुर्त है. इसके बाद विराम- 11 जुलाई 2026 को देवशयनी एकादशी के बाद अगले 4 महीने के लिए देव सो जाएंगे, जिससे विवाह पर विराम लग जाएगा.
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शादियों के इस सीजन से प्रदेश के बाजारों में बड़ी रौनक लौटी है. ऑल इंडिया टैंट एसोसिएशन के अध्यक्ष रवि जिंदल ने बताया कि इस डेढ़ महीने में प्रदेश में करीब 2 लाख शादियां होंगी, जिससे बाजार में लगभग 3 हजार करोड़ रुपये का कारोबार होगा. अकेले देवउठनी एकादशी को जयपुर जिले में 5 हजार से अधिक और पूरे प्रदेश में 30 हजार शादियां होंगी.
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जयपुर व्यापारी सोहित अग्रवाल ने कहा कि राजस्थान न केवल स्थानीय लोगों के लिए, बल्कि बाहर से आने वाले लोगों के लिए भी 'डेस्टिनेशन वेडिंग' का पसंदीदा स्थान है. यहां का खान-पान, संस्कृति, हेरिटेज और मेहमाननवाज़ी लोगों को खूब आकर्षित करती है और शादी के जोड़े भी अलग-अलग डिफरेंट पैटर्न और थीम के अकॉर्डिंग पसंद किए जाते हैं.
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नवंबर-दिसंबर के सावों के लिए कैटरिंग, बैंड-बाजे और घोड़ी जैसी सेवाओं की बुकिंग 3 महीने पहले ही पूरी हो चुकी है. भारतीय लोग शादियों में दिल खोलकर खर्च करते हैं. इसके अलावा जीएसटी कम होने से कई चीजों के दाम घटने के कारण इस बार बाजारों में एक अलग ही उत्साह और रौनक देखने को मिल रही है.