कौन हैं IPS मृदुल कच्छावा, जिन्होंने 57 डाकुओं की बांधी थी ठठरी, अब ऑपरेशन नीलकंठ से नशा तस्करों का बना रखा है हवाई जहाज

Edited byAnsh Raj
Published: Feb 10, 2026, 01:58 PM|Updated: Feb 10, 2026, 01:58 PM

Who is IPS Mridul Kachhawa: आईपीएस मृदुल कच्छावा राजस्थान पुलिस की एक ऐसी शख्सियत हैं, जिनके नाम से अपराधी थर-थर कांपते हैं. 2015 बैच के राजस्थान कैडर के इस अधिकारी ने न केवल अपनी मेहनत से यूपीएससी क्रैक किया, बल्कि विभिन्न जिलों में पोस्टिंग के दौरान अपराध पर कड़ा प्रहार किया. चंबल के बीहड़ों में डकैतों को सरेंडर करवाने से लेकर अब नागौर में 'ऑपरेशन नीलकंठ' के जरिए नशा तस्करों को हवाई जहाज बनाने तक—उनकी कहानी प्रेरणा और साहस की मिसाल है.

शुरुआती जीवन और शिक्षा1/6

शुरुआती जीवन और शिक्षा

30 अगस्त 1989 को बीकानेर (राजस्थान) में जन्मे मृदुल कच्छावा की शुरुआती पढ़ाई बीकानेर में हुई. परिवार जयपुर शिफ्ट होने के बाद उन्होंने केंद्रीय विद्यालय से 12वीं और कॉमर्स कॉलेज से बी.कॉम किया. राजस्थान यूनिवर्सिटी से इंटरनेशनल बिजनेस में मास्टर्स पूरा किया. उन्होंने चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) और कंपनी सेक्रेटरी (CS) की योग्यता भी हासिल की.
शिक्षा2/6

शिक्षा

मुंबई में जर्मन बैंक में अच्छी जॉब मिली, लेकिन सेना अधिकारी बनने का सपना था. एनडीए की तैयारी में दो बार असफल होने के बाद उन्होंने आईपीएस का रास्ता चुना. दिल्ली में रहकर यूपीएससी की तैयारी की. 2014 में इंडियन पोस्ट सर्विस मिली, लेकिन 2015 में AIR 216 पर आईपीएस में सफल हुए.
नागौर में 'ऑपरेशन नीलकंठ' से नशे का सफाया3/6

नागौर में 'ऑपरेशन नीलकंठ' से नशे का सफाया

वर्तमान में नागौर के एसपी मृदुल कच्छावा ने नशे के खिलाफ 'ऑपरेशन नीलकंठ' शुरू किया, जो जीरो टॉलरेंस के साथ चल रहा है. अभियान के तहत गुप्त सूचनाओं पर आधारित छापेमारी से करोड़ों की ड्रग्स बरामद हुईं. हाल ही में एक कार्रवाई में बाथरूम के तहखाने से 1.35 करोड़ रुपये कीमत का एमडी (मेफेड्रोन) जब्त किया गया. अन्य सफलताओं में 7 किलो अफीम, 2 करोड़ कीमत का डोडा पोस्त, 11.23 लाख नकद और हवाला डायरियां शामिल हैं. पांच महीनों में 55 मुकदमे दर्ज कर 81 तस्कर गिरफ्तार हुए. नशा तस्करों के लिए वे अब 'हवाई जहाज' बन चुके हैं—उनकी कार्रवाई से नशा नेटवर्क टूट रहे हैं.
चंबल बीहड़ों में डकैतों पर कड़ा प्रहार4/6

चंबल बीहड़ों में डकैतों पर कड़ा प्रहार

मृदुल कच्छावा ने 5 जुलाई 2019 से 8 जुलाई 2020 तक धौलपुर में एसपी के रूप में काम किया. कोरोना लॉकडाउन के दौरान उन्होंने AK-47 लेकर टीम के साथ चंबल के बीहड़ों में ऑपरेशन चलाए.
बीहड़ के डकैत5/6

बीहड़ के डकैत

फूलन देवी, मलखान सिंह जैसे खूंखार डकैतों की पुरानी शरणस्थली वाले इलाके में उनकी टीम ने एक साल में 57 डकैतों और हार्डकोर अपराधियों को गिरफ्तार किया. कई बड़े डकैत जैसे पप्पू गुर्जर, लाल सिंह, रामविलास, भारत और रघुराज गुर्जर ने पुलिस के सामने घुटने टेक दिए और सरेंडर कर दिया. उनकी सख्त रणनीति, गुप्त सूचनाओं का उपयोग और टीमवर्क से चंबल में डकैतों का खौफ खत्म हुआ.
निजी जीवन और शौक6/6

निजी जीवन और शौक

2018 में कनिका सिंह (वरिष्ठ आईपीएस पीके सिंह की बेटी) से शादी हुई. घुड़सवारी, बास्केटबॉल, डॉग्स पालना और वाइल्डलाइफ फोटोग्राफी उनके शौक हैं. घुड़सवारी से उन्हें अनुशासन और नेतृत्व मिलता है.