राजस्थान: शुरू हुई सरकार की ओर से कराई जा रही तीर्थ यात्रा, पहला जत्था रवाना

जयपुर संभाग से हवाईयात्रा की पहली उडान देहरादून के लिए सुबह रवाना हुई. इससे पहले बुजुर्गों को विभाग की ओर से माला पहनाकर यात्रा की बधाई दी. पहली उड़ान से 24 बुजुर्ग रवाना हुए.

राजस्थान: शुरू हुई सरकार की ओर से कराई जा रही तीर्थ यात्रा, पहला जत्था रवाना
इस वित्तीय वर्ष 5 हजार यात्री हवाई जहाज और 5 हजार यात्री रेलमार्ग से तीर्थयात्रा पर जाएंगे.

जयपुर: राजस्थान सरकार की ओर से बुजुर्गों के लिए करवाए जा रहे तीर्थ यात्रा का पहला जत्था रवाना हो गया. इस मौके पर सभी बुजुर्गों के चेहरों पर खुशी की झलक साफ नजर आई. जयपुर संभाग से हवाईयात्रा की पहली उडान देहरादून के लिए सुबह रवाना हुई. इससे पहले बुजुर्गों को विभाग की ओर से माला पहनाकर यात्रा की बधाई दी. पहली उड़ान से 24 बुजुर्ग रवाना हुए. यह बुजुर्ग ऋषिकेश सहित अन्य तीर्थों की यात्रा करेंगे. 

वहीं, कुछ यात्री रेलवे स्टेशन से भी रवाना हुए, जहां शहनाई बजाकर और माला पहनाकर यात्रियों को रवाना किया. ट्रेन रवाना होने से पूर्व बुजुर्ग यात्रियों के चेहरे पर यात्रा की खुशी नजर आई. बता दें कि नई सरकार के गठन के बाद एक बार फिर से 'वरिष्ठ नागरिक तीर्थ योजना' के लाभार्थियों के लिए जगन्नाथपुरी के लिए ट्रेन रवाना हुई. इस ट्रेन में कुल 965 बुजुर्ग तीर्थयात्रा के लिए रवाना हुए.

खबर के मुताबिक, यात्रियों का पहला जत्था जोधपुर से जयपुर कोटा वाया सवाईमाधोपुर से पुरी के लिए रवाना हुआ. इसमें जयपुर संभाग के 450 यात्री रवाना हुए. यात्रियों के खाने पीने की व्यवस्था ट्रेन में नि:शुल्क रहेगी. वहीं, यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए वाट्सएप ग्रुप से सभी यात्रियों को जोड़ा गया है ताकि वह विभाग के स्टॉफ के संपर्क में रह सके. जोधपुर, पाली, बाड़मेर, सिरोही, जैसलमेर, जालोर, बीकानेर संभाग, चुरू, हनुमानगढ़, गंगानगर, जयपुर संभाग, कोटा संभाग के बुजुर्ग ट्रेन में शामिल हैं.

इस वित्तीय वर्ष 5 हजार यात्री हवाई जहाज और 5 हजार यात्री रेलमार्ग से तीर्थयात्रा पर जाएंगे. देवस्थान मंत्री की पहल पर रेलयात्रा में 2 और हवाईयात्रा में 3 नए सर्किट जोडे गए हैं. बता दें कि, नेपाल में पशुपतिनाथ काठमांडू सर्किट में तीर्थयात्रियों ने सबसे ज्यादा आवेदन किया है. 

इस योजना के तहत आवेदन की अंतिम तिथि तक कुल 61 हजार 596 आवेदन प्राप्त हुए थे. इनमें में कुल 1 लाख 11 हजार 662 यात्रियों और उनके सहयोगियों ने यात्रा के लिए आवेदन किया था. जिसमें तीस हजार यात्रियों की तमन्ना पशुपतिनाथ मंदिर की हवाई यात्रा की थी. वहीं, दूसरे नंबर की प्राथमिकता रामेश्वरम की थी.