डूंगरपुर में लग रहा PM आवास योजना को पलीता, 18 हजार से अधिक लोगों को नहीं मिली छत

 विभागीय अनदेखी से 18 हजार से अधिक आवास ऐसे हैं, जो आज भी अधूरे पड़े हैं.

डूंगरपुर में लग रहा PM आवास योजना को पलीता, 18 हजार से अधिक लोगों को नहीं मिली छत
प्रतीकात्मक तस्वीर.

अखिलेश शर्मा, डूंगरपुर: जिले में गरीब लोगों के पक्के मकान के सपने को साकार करने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना चलाई गई, लेकिन समय पर बजट नहीं आने और विभागीय अनदेखी से 18 हजार से अधिक आवास ऐसे हैं, जो आज भी अधूरे पड़े हैं.

प्रदेश के आदिवासी बहुल डूंगरपुर जिले में गरीब लोगों के पक्के मकान के सपने को साकार करने के लिए केन्द्र सरकार की ओर से प्रधानमंत्री आवास योजना चलाई जा रही है लेकिन समय पर बजट नहीं आने और विभागीय अनदेखी और उदासीनता के चलते इन आवासों के निर्माण कार्य की गति कछुआ चाल को मात दे रही है. जिले में 4 साल में स्वीकृत आवासों में से 18 हजार से अधिक आवास ऐसे हैं, जो आज भी अधूरे पड़े हैं. 

प्रदेश के आदिवासी बहुल डूंगरपुर जिले में प्रधानमंत्री ग्रामीण बीपीएल आवास योजना के तहत वर्ष 2016 से वर्ष 2019 तक 93 हजार 402 आवास स्वीकृत हुए थे लेकिन अभी भी करीब 20 फीसदी आवास ऐसे हैं, जो कि अभी भी अपूर्ण हैं. विभागीय आंकड़ों पर नजर डाले तो वर्ष 2016 से 2019 तक 69075 आवास पूर्ण हुए हैं और 18 हजार 403 आवास आज भी अधूरे हैं हालाकि वर्ष 2016 से 2018 तक 974 आवास अधूरे हैं, वहीं, वर्ष 2019 में अधूरे आवासों की संख्या 17 हजार 429 है.

यह भी पढ़ें- प्रधानमंत्री आवास योजना में धौलपुर ने हासिल किया पांचवा स्थान, लोगों ने PM को किया धन्यवाद

वर्ष        स्वीकृत आवास     पूर्ण आवास        अपूर्ण आवास
2016 से 2018    57170        55934             974
2019                 36232              13141          17429
कुल                   93402                69075          18403

इधर अधूरे पड़े आवासों के सम्बन्ध में जिला परिषद सीईओ ने अलग-अलग कारण गिनाये हालांकि उन्होंने स्वीकारा भी कि आवास निर्माण कार्य की वाकई में धीमी गति है लेकिन आवासों के अधूरे रहने का एक बड़ा कारण बजट भी है. केंद्र सरकार की ओर से प्रधानमंत्री आवास योजना में बजट जारी नहीं होने से लाभार्थियों को किश्ते जारी नहीं हो पा रही है, जिसके चलते अधिकांश आवास अधूरे पड़े हैं. जिला परिषद सीईओ दीपेन्द्र सिंह राठोड ने कहा जिन लाभार्थियों को पूरी किश्ते जारी हो गई है, उन लाभार्थियों से आवास पूरा करवाने के लिए टीम लगी हुई है और जल्द ही इन आवासों को पूरा करवाया जाएगा.

बहरहाल, डूंगरपुर जिला परिषद के सीइओ पीएम आवास योजना के तहत अपूर्ण आवासों को जल्द पूरा करवाने की बात जरूर कर रहे हैं लेकिन समय पर बजट नहीं मिलने और विभाग के अधिकारियो की लापरवाही ही है, जिसके चलते यहां  आवास आज भी अधूरे हैं. खैर अब देखने वाली बात होगी कि सालों से अपूर्ण पड़े ये आवास और कितने समय में पूरा हो पाते हैं और अपनी छत होने का सपना लोगो का कब तक पूरा हो पाता है?