जालौर: PMO ने धर्मशाला में खोला दफ्तर, मरीजों के परिजन खुले में बिता रहे सर्द रातें

पीएमओ की हठधर्मिता के आगे मरीजों के परिजन बेबस नजर आते हैं. इतना ही नहीं जिले के आला अधिकारी भी इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं करते.

जालौर: PMO ने धर्मशाला में खोला दफ्तर, मरीजों के परिजन खुले में बिता रहे सर्द रातें
परिजनों के साथ बच्चे भी इस सर्द हवा में खुले आसमान के नीचे सोने को मजबूर हैं.

जालौर: पीएमओ के कारण जिला अस्पताल में मरीजों के लिए बनाई गई धर्मशाला का लाभ मरीज और उनके परिजनों को नहीं मिल पा रहा है. जिससे इस सर्दी के मौसम में मरीजे और परिजन खुले आसमान के नीचे रात बिताने को मजबूर हैं. 

बता दें कि, एक करोड़ की लागत से धर्मशाला बनाई तो गई थी मरीजों के लिए लेकिन धर्मशाला में पीएमओ ने अपना ऑफिस शुरु कर दिया है. जिसके कारण मरीजों को खासी परेशानी झेलनी पड़ रही है. वहीं इस मामले पर मराजों के परिजनों का कहना है कि अगर इस मामले में कोई जवाबदेही पीएमओ से मांगी गई तो अपने ओहदे की धमकी दी जाती है.

पीएमओ की हठधर्मिता के आगे मरीजों के परिजन बेबस नजर आते हैं. इतना ही नहीं जिले के आला अधिकारी भी इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं करते. लोगों की मानें तो उन्हें भी गरीब लोगों का दर्द नजर नहीं आता जाहिर है. जिला अस्पताल के आसपास कहीं रेन बसेरा नहीं होने की वजह से गरीब लोग घर से ही अपनी सर्दी से बचने के लिए बोरिया बिस्तर लेकर अस्पताल में आते हैं. बता दें की धर्मशाला का उपयोग सिर्फ राज्य सरकार के द्वारा मरीजों के साथ आए परिजनों के लिए ही रखा गया था.

वहीं, पीएमओ हठधर्मिता के साथ धर्मशाला में अपना ऑफिस खोल कर उसमें आराम से अस्पताल का संचालन कर रहे हैं. जबकि अस्पताल के अंदर पीएमओ का अलग से ऑफिस बना हुआ है. लेकिन उस ऑफिस में ना बैठकर पीएमओ के द्वारा इस धर्मशाला में ही अपना ऑफिस बना दिया गया हैं. जिसके चलते आम गरीब लोग रात में ठंडी हवाओं में बैठकर रात गुजारते हैं. परिजनों के साथ बच्चे भी इस सर्द हवा में अस्पताल परिसर में खुले आसमान के नीचे सोने को मजबूर हैं.
Sumit Singh, News Desk