जयपुर: हाईवे पर लूट करने वाले गैंग का पर्दाफाश, कई चौंकाने वाले खुलासे

 पुलिस ने गिरोह के कुख्यात सरगना सहित 8 शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है. बदमाशों से हथियार और लूटी गई कारें भी बरामद की गयी हैं.

जयपुर: हाईवे पर लूट करने वाले गैंग का पर्दाफाश, कई चौंकाने वाले खुलासे
बदमाशों से हथियार और लूटी गई कारें भी बरामद की गयी हैं.

जयपुर: राजस्थान की राजधानी जयपुर की ग्रामीण पुलिस ने हाइवे पर और हत्याओं की घटनाओं को अंजाम देने वाले गिरोह कर पर्दाफाश किया है. पुलिस ने गिरोह के कुख्यात सरगना सहित 8 शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है. बदमाशों से हथियार और लूटी गई कारें भी बरामद की गयी हैं.

पिछले कुछ दिनों से नेशनल हाईवे पर हत्या और वाहन लूट की वारदातें घटित हो रही थी, जिनकी रोकथाम के लिए जयपुर ग्रामीण एसपी शंकरदत्त शर्मा ने एक स्पेशल टीम का गठन किया. टीम ने हाईवे के आसपास लोगों से जानकारी जुटाते हुए अपराधियों के बारे में पड़ताल करना शुरू किया. इस दौरान साइबर सेल प्रभारी रतनदीप को तकनीकी सहायता से और स्पेशल टीम को मुखबिर के जरिए अपराधियों के एक जगह इकट्ठे होने की सूचना मिली. 

सूचना की जांच की गई तो यह सामने आया कि कुछ बदमाश शाहपुरा के एक सुनसान इलाके में बने घर में किसी पेट्रोल पंप या बैंक जैसी जगह पर डकैती करने की योजना बना रहे हैं. सूचना मिलते ही शाहपुरा थाना अधिकारी महेंद्र सिंह टीम के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे और मकान की घेराबंदी करके 8 बदमाशों को वहां से गिरफ्तार किया, जिनके कब्जे से एक पिस्टल, दो देशी कट्टे, 16 कारतूस, चाकू, लोहे की रॉड और डकैती को अंजाम देने के कई हथियार बरामद किए गए. पुलिस ने गिरोह के सरगना धर्मपाल उर्फ धर्मा सहित सुल्तान, गजेंद्र, धर्मेंद्र, तेजपाल, विजेंद्र, महेंद्र और कालूराम को गिरफ्तार कर लिया.

पुलिस ने जब बदमाशों से पूछताछ की तो कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए. बदमाश कार की लूट करने के लिए उसके चालक की हत्या तक कर दिया करते थे. पुलिस जांच में सामने आया कि बदमाशों ने कोटपुतली में एक स्विफ्ट डिजायर कार के चालक की हत्या करके उसके शव को नेशनल हाईवे पर डाल दिया और कार को लूट कर ले गए. इसी तरह से शाहपुरा में भी चालक से मारपीट कर कार लूट कर ले गए थे. 

विराटनगर में पेट्रोल पंप लूट के प्रयास में भी बदमाशों ने फायरिंग की थी. हथियारों के दम पर बदमाश हाईवे पर कई वारदातों को अंजाम दे चुके थे. गैंग का सरगना धर्मपाल उर्फ धर्मा पंडित जो कि दिसंबर में ही जेल से बाहर आया था और अपने गुर्गों के जरिए गैंग का संचालन कर रहा था. गिरोह को धर्मा का सहयोगी सुल्तान गुर्जर हथियार दिलाता था, जिनके जरिए रात के समय यह बदमाश वारदातों को अंजाम देते थे. जांच में यह भी सामने आया कि धर्मपाल उर्फ धर्मा के संपर्क भरतपुर और उत्तर प्रदेश के अवैध हथियार सप्लाई करने वाले गिरोह से भी जुड़े हुए हैं.