बारां: कांस्टेबल की मौत के बाद बवाल, परिजनों ने चिकित्सकों पर लगाया यह आरोप

कांस्टेबल की मौत के बाद नाराज ग्रामीणों ने अस्पताल व चिकित्सा राज्य मंत्री डॉ सुभाष गर्ग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया.

बारां: कांस्टेबल की मौत के बाद बवाल, परिजनों ने चिकित्सकों पर लगाया यह आरोप
कांस्टेबल की सांस लेने में परेशानी होने के बाद मौत हो गई.

राम मेहता/बारां: भरतपुर में बुधवार को 50 वर्षीय राजस्थान पुलिस कांस्टेबल पुरुषोत्तम सिंह को सांस लेने में परेशानी होने के बाद मौत हो गई. जानकारी के अनुसार, परिजन सिंह को लेकर जिला आरबीएम अस्पताल पहुंचे. लेकिन अस्पताल के सभी ऑक्सीजन सिलेंडर खाली निकले व कोई भी चिकित्सक उन्हें देखने के लिए नहीं आया, जिससे उनकी मौत हो गई.

वहीं, कांस्टेबल की मौत के बाद नाराज ग्रामीणों ने अस्पताल व चिकित्सा राज्य मंत्री डॉ सुभाष गर्ग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया. दरअसल, सेवर थाना क्षेत्र के गांव कसौदा निवासी 50 वर्षीय पुरुषोत्तम सिंह भरतपुर पुलिस कंट्रोल रूम में तैनात था जो बीते दिनों शाम को ड्यूटी से अपने घर लौटा था. उसके बाद बुधवार को तड़के सुबह उसे सांस लेने में परेशानी हुई जिसके बाद परिजन उसे लेकर जिला आरबीएम अस्पताल पहुंचे.

यहां पहुंचने पर न तो कोई डॉक्टर उन्हें देखने के लिए आया और न ही ऑक्सीजन सिलेंडरों में ऑक्सीजन थी. ग्रामीणों का आरोप है कि कांस्टेबल पुरुषोत्तम को सांस की परेशानी होने पर वे उसे तुरंत जिला आरबीएम अस्पताल लेकर आए थे. लेकिन वहां कोई चिकित्सक देखने के लिए नहीं आया और ऑक्सीजन सिलेंडर भी खाली निकले जिसके बाद पुलिस कांस्टेबल की मौत हो गई.

परिजनों का आरोप है कि तीन सिलेंडर आए उनमें ऑक्सीजन नहीं थी और डॉक्टर भी नहीं आया. साथ ही इमरजेंसी में भी खुद परिजन उसे लेकर गोदी में उठाकर अस्पताल की चौथी मंजिल पर पहुंचे थे इसलिए अस्पताल प्रशासन की घोर लापरवाही के कारण उनके व्यक्ति की मौत हुई है. इसलिए अस्पताल के दोषी चिकित्साकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाए.

वहीं, जिला आरबीएम अस्पताल के चिकित्सा अधिकारी डॉ केसी बंसल ने बताया कि हॉस्पिटल में ऑक्सीजन की कमी नहीं है और यदि इस तरह की लापरवाही सामने आई है व ऑक्सीजन नहीं मिल पाया है तो उसकी जांच कर कार्रवाई की जाएगी.

इधर, विरोध प्रदर्शन कर रहे परिजनों की मांग है कि मृतक कांस्टेबल के आश्रित को सरकारी नौकरी दी जाए. जबकि लापरवाही करने वाले चिकित्साकर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज हो और मृतक कांस्टेबल के परिजनों को 50 लाख रुपए दिए जाएं.