नेताओं पर खुफिया नजर रखने में पुलिस को परेशानी, राज्य सरकार के पास भेजा ये प्रस्ताव

राज्य की इंटेलिजेंस पुलिस को नई दिल्ली में चक्कर लगाने वाले नेताओं पर खुफिया नजर रखने में परेशानी आ रही है. 

नेताओं पर खुफिया नजर रखने में पुलिस को परेशानी, राज्य सरकार के पास भेजा ये प्रस्ताव
फाइल फोटो

जयपुर: राज्य की इंटेलिजेंस पुलिस (Rajasthan Police) को नई दिल्ली में चक्कर लगाने वाले नेताओं पर खुफिया नजर रखने में परेशानी आ रही है. इसका कारण दिल्ली में इंटेलीजेंस की नई यूनिट नहीं होना है. पुलिस मुख्यालय ने नई दिल्ली में इंटेलिजेंस यूनिट गठन का प्रस्ताव एक बार फिर राज्य सरकार के पास भेजा है. फिलहाल नई यूनिट गठन का प्रस्ताव गृह विभाग में विचाराधीन है.

राजस्थान में वीवीआईपी की सुरक्षा और असामाजिक तत्वों पर खुफिया नजर रखने के लिए इंटेलिजेंस पुलिस काम कर रही है. राज्य में राज्यपाल और मुख्यमंत्री सुरक्षा के लिए एक एक यूनिट कार्यरत है दिल्ली में भी राज्यपाल और मुख्यमंत्री की सुरक्षा के लिए कार्यरत है, लेकिन दिल्ली आने वाले राज्य के स्थानीय नेताओं और अन्य राजनीतिक गतिविधियों पर निगरानी रखने के लिए इंटेलिजेंस पुलिस की यूनिट नहीं है. इस साल जनवरी में इंटेलिजेंस की सलाह पर पुलिस मुख्यालय ने गृह विभाग को प्रस्ताव भेजा था लेकिन उसे लौटा दिया गया. अब नवंबर में एक बार फिर पुलिस मुख्यालय से नई दिल्ली में इंटेलिजेंस यूनिट गठन सुकृति के लिए विभाग को प्रस्ताव भेजा गया.

- पुलिस मुख्यालय ने इंटेलीजेंस की नई यूनिट मांगने के पीछे प्रस्ताव में कुछ कारण बताए हैं.
- राज्य के जनप्रतिनिधियों का देश की राजधानी में निंतर आना जाना लगा हुआ है.
- नेताओं की गतिविधयों की इंटेलीजेंस जुटाने में कठिनाइयां उठानी पड़ रही है.
- नई दिल्ली स्थित केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों से संबंध में बनाने में दिक्कत आ रही है.
- इन परिस्थितियों को देखते हुए इंटेलीजेंस जुटाने तथा सुरक्षा के लिहाज से नई यूनिट जरूरी है.
- नई यूनिट के लिए एक डीएसपी, एक इंस्पेक्टर सहित 10 पदों के सृजन की मांग की गई है.
- नई यूनिट के गठन में एक करोड़ 12 लाख 66 हजार रुपए तनख्वाह तथा 11 लाख 32 हजार रुपए संसाधनों पर खर्च होंगे.
- इंटेलिजेंस यूनिट गठन करने का प्रस्ताव जनवरी में भिजवाया गया था जिस पर वित्त विभाग ने टिप्पणी की है.
- वित्त विभाग ने सलाह दी है कि कमिश्नरेट के मौजूदा स्टाफ से ही इंटेलिजेंस यूनिट का गठन कर लिया जाए.

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