हाईटेक होगी राजस्थान पुलिस, 24 जनवरी को स्टेट एक्शन प्लान पर लगेगी मुहर

देश में बढ़ते अपराध और अपराधियों से मुकाबले के लिए पुलिस बल को आधुनिक संसाधनों से लैस करने की तैयारी है. 

हाईटेक होगी राजस्थान पुलिस, 24 जनवरी को स्टेट एक्शन प्लान पर लगेगी मुहर
प्रतीकात्मक फोटो

विष्णु शर्मा, जयपुर: देश में बढ़ते अपराध और अपराधियों से मुकाबले के लिए पुलिस बल को आधुनिक संसाधनों से लैस करने की तैयारी है. केंद्रीय गृहमंत्रालय राज्यों की पुलिस को वर्तमान हालात के अनुरूप सशक्त बनाने के लिए बजट जारी करेगा. गृहमंत्रालय की हाईपावर कमेटी 24 जनवरी को राजस्थान सहित आधा दर्जन राज्यों की पुलिस के स्टेट एक्शन प्लान पर मुहर लगाएगी. राजस्थान पुलिस के 62.50 करोड़ प्लान को मंजूरी के लिए रखा जाएगा.

हर साल केंद्रीय गृहमंत्रालय से पुलिस मोर्डनाइजेशन स्कीम के तहत राज्यों को करोड़ाें का बजट जारी होता है. राजस्थान में मॉर्डनाइजेशन के तहत मिलने वाले बजट में 60 प्रतिशत राशि केंद्र तथा 40 प्रतिशत हिस्सा राज्य का होता है. राज्यों की उच्च स्तरीय कमेटी की मंजूरी के बाद एक्शन प्लान केंद्रीय मंत्रालय की हाईपावर्ड कमेटी के सामने रखा जाता है. मंत्रालय ने देश के राज्यों को चार जोन में बांटकर हाईपावर्ड कमेटी की बैठक आयोजित करता है. 

वित्तीय  वर्ष 2020-21 के लिए स्टेट एक्शन प्लान पर विचार के लिए गृह मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव  विवेक भारद्वाज की अध्यक्षता में हाईपावर्ड कमेटी गठित है. कमेटी 10 जनवरी को अरुणाचल प्रदेश में आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, तेलंगाना, केरल, कर्नाटक, असम और हैदराबाद के प्लान पर चर्चा कर चुकी है.

17 जनवरी 2020 को चंढ़ीगढ़ में हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, त्रिपुरा और मणिपुर के प्लान विचार किया. 24 जनवरी को रायपुर में राजस्थान, गुजरात, गोवा, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, मिजोरम और नागालैंड के प्लान पर मुहर लग चुकी है.
 
29 जनवरी को भुवनेश्वर में बिहार, झारखंड, उड़ीसा, पश्चिम बंगाल, मेघालय और सिक्किम के प्लान पर चर्चा होगी. राज्यों की सुरक्षा योजना और एक्शन प्लान के प्रस्ताव को मंजूर किए जाने से पहले हाईपावर्ड कमेटी की मंजूरी लेनी होती है. हाईपावर्ड कमेटी की मंजूरी के बाद ही राज्यों को वांछित बजट जारी किया जाता है.

हाईपावर्ड कमेटी भी राज्यों के प्लान को मंजूर करने से पहले हर पहलू से चर्चा करती है. कमेटी  पांच साल के दौरान राज्य पुलिस की भौतिक और वित्तीय उपलब्धियों को देखती है. केंद्र व राज्य की योजना से पुलिस के लाभ, पिछले पांच साल में केंद्र से दी गई आधुनिकीकरण के बजट तथा राज्यों में केंद्रीय सशस्त्र बल की तैनातगी के कारणों को देखती है.  

वर्तमान में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुरक्षा और कानून व्यवस्था तथा आपराधिक खतरों की बढ़ती चुनौतियों को देखते हुए राजस्थान पुलिस ने एक्शन प्लान भेजा है. राज्य सरकार ने हथियार, संचार उपकरण, फोरेंसिक उपकरण, खुफिया उपकरण, ट्रेनिंग उपकरण, स्मार्ट पुलिस उपकरण, ट्रेफिक सहित अन्य सुरक्षा उपकरणों की मांग की गई है. 

राजस्थान पुलिस की ओर से हाईपावर्ड कमेटी में 52 करोड़ का वित्तीय वर्ष 2020-21 का मूल प्लान तथा 10.52 करोड़ का सप्लीमेंट्री प्लान भेजा गया है. इसमें पुलिस के विभिन्न शाखाओं को आधुनिक बनाने के लिए उपकरण खरीद के प्रस्ताव दिए गए हैं. इस योजना में संचार प्रणाली का विस्तार, आधुनिक प्रशिक्षण, जांच और सुरक्षा से संबंधित मामलों पर फोकस किया गया है.   

योजना में इन पर किया गया फोकस
- हथियार
- संचार उपकरण
- फोरेंसिक उपकरण
- खुफिया उपकरण
- प्रशिक्षण उपकरण
- स्मार्ट पुलिसिंग उपकरण
- यातायात उपकरण 
- अन्य सुरक्षा उपकरणों की खरीद की जाएगी