पुलिस ने 4 हजार किलोमीटर का सफर तय कर पकड़ा एटीम लूट के 10 बदमाशों को

एटीएम को तोड़कर ले जाने की वारदातों का खुलासा करते हुए जयपुर ग्रामीण पुलिस ने 10 बदमाशों को गिरफ्तार किया है. बदमाश राजस्थान सहित अन्य कई राज्यों में वारदातों को अंजाम दे रहे थे. 

पुलिस ने 4 हजार किलोमीटर का सफर तय कर पकड़ा एटीम लूट के 10 बदमाशों को
एटीएम लूट की वारदात को अंजाम देने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह के 10 शातिर बदमाश गिरफ्तार

शरद पुरोहित, जयपुर : एटीएम को तोड़कर ले जाने की वारदातों का खुलासा करते हुए जयपुर ग्रामीण पुलिस ने 10 बदमाशों को गिरफ्तार किया है. बदमाश राजस्थान सहित अन्य कई राज्यों में वारदातों को अंजाम दे रहे थे. पुलिस ने 14 वारदातों को अंजाम देकर 1 करोड़ 35 लाख रुपये की लूट को अंजाम दे चूके लुटेरों को गिरफ्तार किया है. जयपुर ग्रामीण इलाके में बढ़ रही लूट की घटनाओं को रोकने में पुलिस को आज बड़ी सफलता हाथ लगी है. चंदवाजी पुलिस ने जिले की स्पेशल ब्रांच के सहयोग से एटीएम लूट की वारदात को अंजाम देने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह के 10 शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है. आईजी रेंज एस सैंगाथिर ने बताया कि पिछले कुछ समय से इलाके में मेवात गैंग सक्रिय थी जो कि एटीएम को तोड़कर ले जाने की वारदाते कर रही थी.
जिसके बाद इस गिरोह की गिरफ्तारी के लिए 2 अलग-अलग  स्पेशल पुलिस टीमों का गठन किया गया. टीम ने जांच शुरु की तो मेवात की नासिर गैंग का नाम सामने आया. पुलिस ने  दिल्ली, गुरुग्राम, तावडू, मल्लड़ व भिवाड़ी में दबीशे दी लेकिन बदमाश पुलिस की दबीश से पहले ही फरार हो गये. उसके बाद पुलिस टीम को बदमाशों के पश्चिम बंगाल फरार होने की सूचना मिली. पुलिस की टीम भी बदमाशों के पीछे रवाना हो गयी और करीब 4 हजार किलोमीटर का सफर तय करने के बाद पुलिस को आखिरकार सफलता मिल गयी . पुलिस ने गिरोह के सदस्य अलीशेर, तारीफ व जसविन्द्र को गिरफ्तार कर लिया. आरोपियों की निशानदेही से पुलिस की एक टीम ने भरतपुर से फकरु, सब्बन व इकबाल को गिरफ्तार कर लिया. इसके बाद गिरोह के अन्य सदस्य संजय, भगवान जाटव व मुस्ताक को अलवर से गिरफ्तार कर लिया गया.
पुलिस की जांच में सामने आया कि नासिर गैंग व उसके सदस्य ट्रेलर से माल ले जाने के बहाने से हाईवे पर एटीएम को चिन्हित कर लिया करते थे. उसके बाद रैकी करके एटीएम में नकदी डाले जाने के बाद उसी दिन एटीएम को उखाड़कर ले जाते थे.सूनसान जगह देखकर आरोपी एटीएम को तोड़ते और नकदी निकालकर फरार हो जाते थे. और आपस में लूटी गयी रकम को बांट लिया करते थे. बदमाश वारदात के समय अपने मोबाईल को बंद रखा करते थे और बड़ी ही सावधानी के साथ वारदात को अंजाम देते, जिसकी वजह से देश भर में वारदातें करने के बावजूद बदमाश पुलिस की पकड़ से बचे रहे. आरोपियों ने 2015 से अब तक 14 वारदातें करना कबूल की है. गिरोह के सदस्यों ने राजस्थान, उत्तरप्रदेश, आन्ध्रप्रदेश, उड़ीसा, दिल्ली, गुरुग्राम, उत्तराखंड व बिहार में एटीएम लूट की वारदाते की है.
बदमाशों से जांच में सामने आया है कि गिरोह के सदस्य ऐसे एटीएम को चिन्हित करते थे जहां पर सुरक्षा गार्ड या फिर अलार्म नही लगा हो. बैंक प्रशासन की लापरवाहियों का ही फायदा उठाकर बदमाश वारदातों को अंजाम दिया करते थे.जयपुर ग्रामीण पुलिस की बदमाशों से पूछताछ जारी है. जिसमे कई ओर वारदातों को खुलासा होने की संभावना है.