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Pratapgarh News: राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले में लंबे समय से चल रहे नाले विवाद ने अब सियासी और प्रशासनिक स्तर पर बड़ा मोड़ ले लिया है. नगरीय विकास मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने बांसवाड़ा से चित्तौड़गढ़ जाते समय अपना रास्ता बदलकर प्रतापगढ़ पहुंचकर नाले का मौके पर निरीक्षण किया.
मंत्री ने न सिर्फ भौतिक स्थिति देखी, बल्कि पूरे विवाद से जुड़े सभी कागजात भी तलब कर उनका अध्ययन किया. मंत्री खर्रा ने स्पष्ट कहा कि जनहित से जुड़े मामलों में देरी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने भरोसा दिलाया कि नाले विवाद को लेकर दो दिनों के भीतर निर्णय लेकर स्थाई समाधान की दिशा में कदम उठाए जाएंगे.
मंत्री ने कहा कि जो भी जनता के हित में उचित होगा. वहीं निर्णय लिया जाएगा. निरीक्षण के दौरान नगर परिषद सभापति, विधायक प्रतिनिधि और उदयपुर सांसद मन्नालाल रावत के बीच हुए पत्राचार की जानकारी मंत्री को दी गई.
स्थानीय निवासियों और जनप्रतिनिधियों ने कलेक्टर के कथित एरियल रवैये की शिकायत भी मंत्री के सामने रखी. इस पर मंत्री खर्रा ने दो टूक कहा कि नौकरशाही को जनता और जनप्रतिनिधियों पर हावी नहीं होने दिया जाएगा और जिसकी भी गलती होगी, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
मंत्री ने बताया कि उन्हें उदयपुर और बांसवाड़ा दौरे के दौरान प्रतापगढ़ की स्थिति की गंभीर जानकारी मिली, जिसके बाद उन्होंने स्वयं मौके पर पहुंचकर स्थिति समझना जरूरी समझा. उन्होंने कहा कि केवल कागजों के आधार पर नहीं, बल्कि जमीन पर हालात देखकर ही निर्णय लिया जाएगा.
प्रतापगढ़ में नाले को लेकर कलेक्टर और नगर परिषद सभापति के बीच चल रहा टकराव अब राज्य सरकार के सीधे संज्ञान में आ गया है. मंत्री के इस दौरे के बाद साफ संकेत हैं कि सरकार अब एक्शन मोड में है और नाले विवाद का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा.
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