Pratapgarh News:ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा जब भारी वाहनों की आवाजाही से बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुई बोरी पी की सड़क ने उनका सब्र तोड़ दिया। ग्रामीण अब आश्वासनों से संतुष्ट नहीं हैं और ठोस कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। उनका आक्रोश इस बात का प्रतीक है कि वे सड़क की मरम्मत और भविष्य में ऐसी समस्याओं से बचने के लिए प्रभावी कदम उठाने की अपेक्षा कर रहे हैं.
&w=896&h=504&format=webp&quality=medium)
Pratapgarh News: पीपलखूंट ग्राम पंचायत बोरी पी को जोड़ने वाली 5 किलोमीटर लंबी सड़क इन दिनों बदहाल स्थिति में है और ग्रामीणों की मुश्किलें दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही हैं. पीपलखूंट से केलामेला मार्ग से दाता माइंस तक जाने वाले इस मुख्य मार्ग की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि अब यह ग्रामीणों की जिंदगी के लिए खतरा बन गया है.
माइंस से प्रतिदिन गुजरने वाले भारी वाहनों के दबाव ने इस सड़क को पूरी तरह जर्जर कर दिया है. पूरे मार्ग पर बड़े-बड़े गड्ढे, जर्जर हो चुकी पुलियाएं और कीचड़ का आलम है. बरसात में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है, जहां वाहन फंस जाते हैं और दोपहिया चालकों के गिरने की घटनाएं आम हो गई हैं. आपात स्थिति में एंबुलेंस तक समय पर नहीं पहुंच पाती.
बोरी पी सहित आसपास के ग्रामीणों ने एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन किया. उनका कहना था कि लंबे समय से सड़क की मरम्मत की मांग की जा रही है लेकिन प्रशासन सिर्फ आश्वासन देता रहा है. प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द काम शुरू नहीं हुआ, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा. ग्रामवासी रामलाल ने बताया कि सड़क निर्माण के लिए बजट स्वीकृत हो चुका है, फिर भी कार्य की शुरुआत नहीं की गई है. इससे साफ जाहिर होता है कि प्रशासनिक स्तर पर लापरवाही बरती जा रही है.
भारतीय किसान संघ, पीपलखूंट के ब्लॉक अध्यक्ष दलीचंद निनामा ने आरोप लगाया कि दाता माइंस के चलते ग्रामीणों को भारी नुकसान हो रहा है. खेतों तक पहुंचना मुश्किल हो गया है, वहीं पर्यावरण पर भी असर पड़ रहा है. इस संबंध में PWD के सहायक अभियंता मुकेश मीणा ने बताया कि दाता माइंस रोड का टेंडर हो चुका है और जल्द ही ठेकेदार को वर्क ऑर्डर जारी कर निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा.
पुलियाओं के पुनर्निर्माण का कार्य भी शामिल रहेगा. ग्रामीणों का कहना है कि यह केवल सड़क का मामला नहीं, बल्कि आमजन की सुरक्षा, स्वास्थ्य और सम्मान का प्रश्न है. यदि जल्द कार्य शुरू नहीं हुआ तो वे उग्र आंदोलन के किया जाएगा.