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Pratapgarh Weather Update: ज़िले में इस बार औसत से अधिक हुई बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है. तेज़ और लगातार रिमझिम बरसात से खेतों में पानी भर गया, जिससे खरीफ सीजन की फसलें बर्बादी की कगार पर पहुंच गई हैं. किसानों के सामने अब गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है.
लगभग एक महीने से जारी लगातार बारिश ने सोयाबीन, उड़द, मूंग और मक्का जैसी प्रमुख फसलों को बुरी तरह प्रभावित किया है. खेतों में लंबे समय तक पानी भरे रहने के कारण फसलें गलकर पूरी तरह खराब हो चुकी हैं. इस स्थिति ने किसानों में गहरी निराशा और चिंता का माहौल बना दिया है.
स्थानीय किसान रफ़ीक़ शेख़ ने बताया कि इस बार अतिवृष्टि से लगभग सभी फसलें नष्ट हो गई हैं. सरकार को तुरंत पटवारियों के जरिए गिरदावरी कराकर प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा उपलब्ध कराना चाहिए.
वहीं महिला किसान चेतना प्रजापत ने कहा कि खाद समय पर नहीं मिल पाया और अब लगातार हो रही बरसात से पूरी फसल बर्बाद हो गई है. किसानों ने सरकार से जल्द नुकसान का सर्वे करवाने और समय पर मुआवजा देने की मांग की है, ताकि वे आगामी रबी सीजन के लिए तैयार हो सकें और आर्थिक संकट से उबर पाएं.
प्रतापगढ़ जिले में लगातार हो रही भारी बारिश ने जहां किसानों और ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है, वहीं जलाशयों और बांधों में पानी की आवक से जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है. पिछले 24 घंटों में सबसे अधिक 137 मिमी बारिश छोटीसादड़ी में दर्ज की गई, जबकि सबसे कम 29 मिमी पीपलखूंट में.
छोटीसादड़ी उपखंड में सबसे अधिक बारिश दर्ज की गई. भारी बारिश के कारण यहां के जीएसएस में पानी भर गया, जिससे बिजली आपूर्ति ठप हो गई. ग्रामीणों और कस्बेवासियों को लंबे समय तक अंधेरे का सामना करना पड़ रहा हैं.
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