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प्रतापगढ़: जवाहर नवोदय विद्यालय की हालत देख SDM ने लगाई प्रिंसिपल की क्लास

छोटी सादड़ी में सामुदायिक भवन में संचालित जवाहर नवोदय विद्यालय में व्याप्त गंदगी और अनियमितताओं की शिकायतें मिलने पर एसडीएम बिंदुबाला राजावत अचानक निरीक्षण के लिए पहुंच गईं.

प्रतापगढ़: जवाहर नवोदय विद्यालय की हालत देख SDM ने लगाई प्रिंसिपल की क्लास
निरीक्षण में विद्यालय में कई कमियां उजागर हुई.

प्रवेश परदेसी/प्रतापगढ़: राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले के छोटी सादड़ी में सामुदायिक भवन में संचालित जवाहर नवोदय विद्यालय में व्याप्त गंदगी और अनियमितताओं की शिकायतें मिलने पर एसडीएम बिंदुबाला राजावत अचानक निरीक्षण के लिए पहुंच गईं. निरीक्षण में विद्यालय में कई कमियां उजागर हुई.

दरअसल नवोदय विद्यालय में पढ़ने वाले बालक-बालिकाओं के परिजन मिलने आए थे. बालकों ने अभिभावकों से विद्यालय में समय पर खाना नहीं मिलने, शौचालय के दरवाजे टूटे होने, भोजन के लिए थालियां नहीं होने सहित कई समस्याओं से अवगत कराया. अभिभावकों ने इस बात की शिकायत एसडीएम बिंदुबाला राजावत से की जिसके बाद वह स्कूल में औचक निनीक्षण के लिए पहुंचीं.

एसडीएम राजावत को यहां कई अव्यवस्थाएं देखने को मिली. परिसर में साफ-सफाई के अभाव में भारी गंदगी फैली पड़ी थी. शौचालयों के दरवाजे टूटे पड़े थे, सेफ्टी टैंक क्षतिग्रस्त होने से पूरे परिसर में बदबू फैल रही थी, बच्चों के खाने के लिए थालियां भी नहीं थी. एसडीएम ने नवोदय विद्यालय की प्रिंसिपल वंदना कुलश्रेष्ठ से इसके बारे में जानकारी लेनी चाही तो वह कुछ भी नहीं बता सकी और कैमरे के सामने अपना मुंह छुपा लिया. 

इस पर बिंदुबाला राजावत ने कुलश्रेष्ठ को जमकर लताड़ लगाई. वहीं विद्यालय में पढ़ने वाले छात्रों ने एसडीएम बिंदुबाला राजावत के सामने रोते हुए बताया कि उन्हें सुबह का भोजन शाम को खिलाया जाता है. अगर नहीं खाया जाता है तो उन्हें पीटा तक जाता है. भोजन के लिए पर्याप्त मात्रा में थालियां भी नहीं है. ऐसे में बच्चे थालियों का इंतजार करते रहते हैं. शौचालय के दरवाजे काफी समय से टूटे पड़े हैं. शौचालय में बच्चे अपने कपड़े धोने के बाद वहां सुखाते हैं, तो विद्यालय स्टाफ उन्हें बाहर फेंक देते हैं. 

एसडीएम राजावत ने मैस का भी निरीक्षण किया. यहां भारी गंदगी फैली पड़ी थी. मक्खियां भिनभिना रही थी. यह देखकर राजावत भड़क गई. यहां राजावत ने बच्चों से भोजन और फ्रूट के बारे में जानकारी ली तो बच्चों ने बताया कि उन्हें कई महीनों से फल नहीं मिले हैं. चने की दाल भी बासी खिलाई जाती है. इस पर राजावत ने मैस के प्रभारी से पूछा तो उसने बताया कि बच्चों को समय पर खाना और फल दिए जाते हैं, जबकि हकीकत में बच्चों को 2 महीने से कोई फल नहीं दिए गए. उन्हें खाद्य सामग्री घटिया मिलती है. शौचालयों में बिजली की व्यवस्था तक नहीं है.

वहीं अभिभावक स्नेहलता पाटीदार, विमला आमेटा, पुष्पकांत आमेटा, भेरूलाल मीणा ने बताया कि बच्चों का पिछले वर्ष का माइग्रेशन भी अभी तक नहीं दिया गया. साथ ही उन्हें इस समस्या के बारे में यहां पहुंचे तो पता चला. अभिभावकों ने यह भी बताया कि उन्होंने शिकायत तो कर दी लेकिन नवोदय विद्यालय के स्टाफ द्वारा रात में बच्चों को परेशान किया जाएगा. इसके बाद अभिभावकों ने नवोदय विद्यालय में विभिन्न समस्याओं तथा दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग को लेकर एसडीएम बिंदुबाला राजावत को ज्ञापन भी सौंपा.