बाड़मेर: जिला परिषद-पंचायत समिति चुनाव की तैयारियां शुरू, कोविड नियमों को पालन कराना होगा चुनौती

मतदान का समय प्रातः 7.30 बजे से सांय 5.00 बजे तय किया गया है, ताकि मतदाता सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए मतदान कार्य कर सके.

बाड़मेर: जिला परिषद-पंचायत समिति चुनाव की तैयारियां शुरू, कोविड नियमों को पालन कराना होगा चुनौती
बाड़मेर में जिला परिषद-पंचायत समिति चुनाव की तैयारियां शुरू हो गई है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

भूपेश आचार्य/बाड़मेर: कोविड-19 के दौर में चुनावी प्रक्रिया भी बदल चुकी है. इस बार पश्चिमी राजस्थान के बाड़मेर जिले में जिला परिषद व पंचायत समिति चुनाव को लेकर बिगुल बजने के बाद बाड़मेर के जिला कलेक्टर विश्राम मीणा ने पंचायती राज चुनावों की तैयारियां शुरू कर दी है. खास बात यह है कि कोविड-19 (COVID-19) को लेकर इस बार इंतजाम विशेष तौर से किए जा रहे हैं. जिसमें सोशल डिस्टेंसिंग (Social Distancing) सैनिटाइजर से लेकर प्रत्याशियों को गाइडलाइन भी जारी करने की तैयारी में प्रशासन है.

राज्य निर्वाचन आयोग ने जिला परिषद एवं पंचायत समिति सदस्यों के आम चुनाव चार चरणों में कराने के लिए कार्यक्रम घोषित कर दिया है. प्रथम चरण में 23 नवंबर, द्वितीय चरण में 27 नवंबर, तृतीय चरण में 1 दिसंबर और चतुर्थ चरण में 5 दिसंबर को मतदान होगा.

चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में आदर्श आचरण संहिता के प्रावधान तुरंत प्रभावी हो गए हैं, जो चुनाव प्रक्रिया समाप्ति तक लागू रहेंगे. बाड़मेर जिले में कोविड-19 संक्रमण से बचाव के लिए आयोग द्वारा अब प्रत्येक मतदान बूथ पर मतदाताओं की संख्या भी कम कर 900 कर दी गई है. पूर्व में एक मतदान बूथ पर 1100 मतदाताओं की सीमा निर्धारित थी.

इसके साथ ही, पंचायत और नगर निगम चुनाव की तरह ही यहां भी मतदान के समय में बढ़ोतरी कर मतदान का समय प्रातः 7.30 बजे से सांय 5.00 बजे तय किया गया है, ताकि मतदाता सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए मतदान कार्य कर सके.

वहीं, चुनाव आयोग ने जिला परिषद सदस्य के चुनाव लड़ रहे अभ्यर्थियों के लिए 1,50,000 और पंचायत समिति सदस्य के लिए 75,000 रुपए खर्च सीमा निर्धारित की है. उन्होंने बताया कि अभ्यर्थियों या राजनैतिक दलों द्वारा चुनाव प्रचार के लिए किए जाने वाले खर्च की निगरानी के लिए संबंधित जिला निर्वाचन अधिकारियों द्वारा रिटर्निंग अधिकारी के स्तर पर एक प्रकोष्ठ का गठन किया गया, जो अभ्यर्थियों या राजनैतिक दलों द्वारा चुनाव प्रचार के लिए किए जाने वाले खर्च की निगरानी रखेगा.

आयोग द्वारा चुनाव के दौरान विभिन्न गतिविधियों जैसे ईवीएम की प्रथम जाचं, मतदान दलों के प्रशिक्षण, नाम निर्देशन पत्रों का प्रस्तुतिकरण, संवीक्षा एवं नाम वापसी, चुनाव प्रचार, मतदान तथा मतगणना संबंधी चुनाव कार्य में सम्मिलित होने वाले कार्मिकों लिए गाइडलाइन जारी की गई है. साथ ही, चुनाव लड़ने वाले अभ्यर्थियों और राजनैतिक दलों एवं मतदाताओं को कोविड-19 संक्रमण से बचाव के लिए गाइडलाइन जारी की गई है.