उदयपुर: पंचायत चुनाव को लेकर तैयारियों ने पकड़ी रफ्तार, निर्वाचन विभाग ने किए ये इंतजाम

उदयपुर की 20 पंचायत समितियों में 43 जिला परिषद सदस्य और 364 पंचायत समिति सदस्य के लिए चार चरणों में होने वाले चुनाव को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तैयारियों ने रफ्तार पकड़ ली है.

उदयपुर: पंचायत चुनाव को लेकर तैयारियों ने पकड़ी रफ्तार, निर्वाचन विभाग ने किए ये इंतजाम
उदयपुर में पंचायत चुनाव को लेकर तैयारियों ने पकड़ी रफ्तार. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

अविनाश जगनावत/उदयपुर: राजस्थान के उदयपुर में होने वाले जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव को लेकर जिला निर्वाचन विभाग ने भी अपनी तैयारियों को तेज कर दिया है. इसी क्रम में मतदान कार्मिकों को वोटिंग के साथ कोरोना गाइड लाइन के साथ मतदान प्रक्रिया सम्पन्न कराने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है.

दरअसल, उदयपुर जिले की 20 पंचायत समितियों में 43 जिला परिषद सदस्य और 364 पंचायत समिति सदस्य के लिए चार चरणों में होने वाले चुनाव को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तैयारियों ने रफ्तार पकड़ ली है. मतदान प्रक्रिया के दौरान ग्रामीण क्षेत्र के 1802502 मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग करेगें. जिसमें 915864 पुरूष, 886632 महिला और 6 थर्ड जेंटर वोटर शामिल हैं. 

नामांकन प्रक्रिया के पूर्ण होने के साथ ही अब जिला निर्वाचन विभाग का पूरा ध्यान मतदान प्रक्रिया को निष्पक्ष और शांति पूर्वक संपन्न करवाने पर है. इसी को लेकर निर्वाचन विभाग ने मतदान कार्मिकों के प्रशिक्षण और उनकी रवानगी को लेकर तैयारी शुरू कर दी है. कोरोना गाइड लाइन का पालन करते हुए कार्मिकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है. साथ ही मतदान दलों की रवानगी में भी सोशल डिस्टेसिंग का पालन हो, इसके लिए दो अगल-अगल स्थानों को चिन्हित किया गया है. जहां से अंतिम प्रशिक्षण के बाद मतदान दलों की रवानगी की जाएगी.

चार चरणों में होने वाले मतदान प्रक्रिया का आगाज 23 नवंबर से होगा. पहले चरण में 681 बूथ पर मतदाता अपने मताधिकार का उपयोग करेंगें. दूसरे चरण के लिए 462 बूथों पर 27 नवंबर को मतदान होगा. तीसरे चरण का मतदान 1 दिसंबर को होगा. जहां 908 बूथ पर वोट डाले जाएंगे. चौथे और अंतिम चरण के लिए 532 बूथों पर 5 दिसंबर को वोट डाले जाएंगे.

वहीं, कोरोना संक्रमण के दौर में हो रहे चुनाव को लेकर जिला निर्वाचन विभाग पूरी तरह से सर्तकता बरत रहा है. उप जिला निर्वाचन अधिकारी ओपी बुनकर ने बताया कि मतदान के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग की पालना हो सके, इसके लिए जिलेभर में बूथों की संख्या को बढ़ाया है. पूर्व में जहां करीब 2000 बूथों पर मतदान होता था. वहीं, इस बार मतदान केन्द्रों की संख्या को बढ़ाकर 2583 कर दिया गया है, जिससे सोशल डिस्टेंसिंग के साथ मतदाता अपने वोट डाल सकें. यही नहीं, मतगणना को लेकर भी इस बार जिला प्रशासन द्वारा विशेष व्यवस्था की गई है. 

जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए हो रहे चुनाव को लेकर 1183 प्रत्याशी चुनावी मैदान में है. जिला परिषद की 43 सीटों के लिए 125 प्रत्याशी अपना भाग्य आजमा रहे हैं. वहीं, पंचायत समिति सदस्य की 363 सीटों के लिए 1058 प्रत्याशियों को भाग्य दांव पर लगा हुआ है.