बस पर बवाल: राजस्थान के इन दो दिग्गज नेताओं ने यूपी सरकार को घेरा, कही ये बड़ी बात

राजस्थान और यूपी के बीच बसों की राजनीति अभी तक रुकने का नाम नहीं ले रही है.

बस पर बवाल: राजस्थान के इन दो दिग्गज नेताओं ने यूपी सरकार को घेरा, कही ये बड़ी बात
उप मुख्यमंत्री और पीसीसी चीफ सचिन पायलट ने प्रेसवार्ता की.

जयपुर: राजस्थान और यूपी के बीच बसों की राजनीति अभी तक रुकने का नाम नहीं ले रही है. राजस्थान की ओर से श्रमिकों के लिए भेजी गई 1 हजार 32 बसों को फिर से लौटाने के मसले को लेकर आज पीसीसी चीफ और उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट, परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास और एआईसीसी सचिव जुबेर खान ने प्रेसवार्ता कर अपनी बात रखी. उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने कहा की श्रमिकों के लिए भेजी गई बसें एआईसीसी और प्रदेश कांग्रेस की ओर से भेजी गई थी और इससे सरकार का कोई लेना देना नहीं है.

श्रमिकों के लिए यूपी के लिए भेजी गई बसों के मसले को लेकर आज उप मुख्यमंत्री और पीसीसी चीफ सचिन पायलट ने प्रेसवार्ता की. सचिन पायलट ने कहा कि 'केन्द्र सरकार की ओर से केन्द्र सरकार की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो वहीं राज्य सरकार कदम उठा रही है तो उसका साथ नहीं दिया जा रहा है. संकट की इस घड़ी में राजस्थान ने अपने हाथ बढ़ाए लेकिन यूपी सरकार ने इसमें भी राजनीति कर दी. जो भी घटनाक्रम हुआ वो काफी दुखदायी रहा. यूपी सरकार एक तो गलत काम कर रही है. साथ ही सीनाजोरी भी कर रही है. यूपी सरकार ने सिर्फ अपनी जिद्द की वजह से मदद लेने से इनकार किया. प्रदेश के भामाशाहों ने दिल खोलकर दान दिया है और पैसों की कोई कमी नहीं है. अगर फिर भी कमी आती है तो सरकार पीछे नहीं हटेगी.'

यूपी सरकार के फैसलों का विरोध करते हुए मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने जमकर यूपी सरकार पर हमला बोला. मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा कि 'मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ट्विट करके इसकी जानकारी दी और उसके बाद ही बसों को रवाना किया गया, लेकिन यूपी सरकार ने औछी राजनीति दिखाई और प्रियंका गांधी पर भी निशाना साधा, जो गलत है. कोटा में बसें भेजी गई उनको रोका नहीं गया. उस समय हमने परमिट का हवाला नहीं दिया.ब सों की फिटनस और पॉल्युशन को लेकर छूट दी गई. ऐसे में फिटनस सर्टिफिकेट का हवाला देना गलत है. बीजेपी नेताओं को इस पूरे मामले पर माफी मांगनी चाहिए.'

वहीं, एआईसीसी सचिव जुबेर खान ने बताया की कोटा में आई हुई हर बस की जानकारी प्रदेश सरकार के पास है. जबकि यूपी सरकार ने जो दोहरी मानसिकता का परिचय दिया वो निराशानजक है.

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