ऑनलाइन कक्षाओं के लिए राजस्थान में नहीं प्रॉपर गाइड लाइन, दिए गए ये निर्देश

जिला प्राधिकरण की ओर से राज्य सरकार को कहा गया कि आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थी के पास ऑनलाइन शिक्षा के लिए संसाधन नहीं हैं.

ऑनलाइन कक्षाओं के लिए राजस्थान में नहीं प्रॉपर गाइड लाइन, दिए गए ये निर्देश
प्रतीकात्मक तस्वीर.

महेश पारीक, जयपुर: जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर जिला ने बाल अधिकारिता विभाग और प्रारंभिक शिक्षा निदेशक को निर्देश दिए हैं कि वह ऑनलाइन कक्षाओं के संबंध में जल्द ही उचित गाइड लाइन जारी करे.
साथ ही प्राधिकरण ने इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से बच्चों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव को लेकर दोनों विभागों को बाल हित में कठोर कदम उठाने को कहा है. प्राधिकरण ने प्रदेश स्तर पर उचित कार्रवाई के लिए प्रकरण को राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण को भेजा है.

जिला प्राधिकरण ने सभी निजी स्कूलों में बुक बैंक स्थापित करने के लिए राज्य सरकार की ओर से जरूरी दिशा-निर्देश जारी करने की जरूरत भी बताई है. जिला प्राधिकरण ने यह दिशा-निर्देश ऑनलाइन क्लास को लेकर एक छात्र की ओर से भेजे गुमनाम पत्र पर राज्य सरकार की ओर से दिए जवाब से असंतुष्ट होकर दिए. 

गरीब बच्चों के पास संसाधन नहीं 
जिला प्राधिकरण की ओर से राज्य सरकार को कहा गया कि आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थी के पास ऑनलाइन शिक्षा के लिए संसाधन नहीं है. इसके बावजूद शिक्षा विभाग, बाल अधिकारिता विभाग और बाल आयोग ने कोई गाइड लाइन जारी नहीं की है. स्कूलों में सभी आय वर्ग के बच्चे आते हैं, ऐसे में कुछ बच्चों के पास संसाधन नहीं होने से बाल मन पर कुप्रभाव पड़ेगा. ऐसे में बाल अधिकारिता और शिक्षा विभाग ऑनलाइन कक्षाओं के बारे में जल्दी गाइड लाइन जारी करे. प्राधिकरण की ओर से कहा गया कि मामले में शिक्षा विभाग की ओर से दिया गया जवाब अपर्याप्त है. तमिलनाडु सरकार कक्षा पांच तक के सभी बच्चों के लिए सभी तरह की शैक्षणिक गतिविधियों पर रोक लगा चुकी है, वहीं कक्षा दस तक के बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाने के लिए विशेषज्ञ कमेटी का गठन किया है. ऐसे में राज्य सरकार मामले को गंभीरता से लेते हुए बालहित में कठोर कदम उठाए.

लॅाकडाउन में बिक गया बच्चे के पिता का ऑटो 
गौरतलब है कि गत दिनों एक छात्र ने प्राधिकरण में गुमनाम पत्र भेजा था कि उसके पिता ऑटो चलाते थे, लेकिन लॅाकडाउन में ऑटो बिक गया. इसके अलावा उसके पास ऑनलाइन पढ़ाई के लिए संसाधन नहीं है, जबकि स्कूल संचालक ऑनलाइन क्लास और फीस जमा कराने के लिए दबाव डाल रहे हैं. पत्र पर कार्रवाई करते हुए प्राधिकरण ने राज्य सरकार के विभागों से रिपोर्ट तलब की थी.