जयपुर: पीसीसी में जनसुनवाई, शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने सुनी लोगों की समस्याएं

पीसीसी में गुरुवार हुई जनसुनवाई में शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने लोगों के अभाव अभियोग सुने.

जयपुर: पीसीसी में जनसुनवाई, शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने सुनी लोगों की समस्याएं
शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा

जयपुर: पीसीसी में गुरुवार हुई जनसुनवाई में शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने लोगों के अभाव अभियोग सुने. जनसुनवाई के बाद हुई प्रेसवार्ता में शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने विभिन्न मुद्दों पर खुलकर बात की. चाहे बात प्रदेश में मेडिकल सुविधा का हो या फिर विशेष स्कूलों में शिक्षकों का या फिर सीएए और एनआरसी का मुद्दा हो, शिक्षा मंत्री ने सभी मुद्दों पर खुलकर चर्चा की. 

राजधानी जयपुर में एक मात्र मूक बधिर स्कूल में करीब 300 बच्चे अध्ययनरत हैं, लेकिन इन पर महज 2 ही विशेष शिक्षकों की नियुक्ति है. इस पर शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा की विशेष शिक्षकों को लेकर पिछले दिनों ही चिन्हिंत किया गया था ऐसे में करीब 225 विशेष शिक्षकों को विशेष स्कूलों में लगाया गया है और आने वाली भर्ती में अन्य बचे हुए पदों को भी भरने का काम किया जाएगा. साथ ही दौसा में शिक्षकों के सामान्य ज्ञान को लेकर शिक्षा मंत्री ने कहा कि शिक्षकों की ट्रैनिंग समय-समय पर होती रहती है और जिन शिक्षकों का सामान्य ज्ञान बिल्कुल कमजोर है उनको चिन्हिंत कर विशेष ट्रैनिंग दी जाएगी.

प्रदेश में अस्पतालों की स्थिति को लेकर शिक्षा मंत्री ने कहा कि जहां कमियां हैं, वहां सुधार की आवश्यकता है और हर सरकार इसमें बेहतर करने की आवश्यकता है. इसको और बेहतर किया जाएगा. एनसीईआरटी सिलेबस को लेकर शिक्षा मंत्री ने कहा की कमेटी के सुझाव के आधार पर एनसीईआरटी का सिलेबस लागू करने का फैसला लिया और अगले एक सप्ताह में पुस्तकों के छपने का काम शुरू हो जाएगा. ऐसे में प्रयास रहेंगे की समय पर स्कूलों में निशुल्क पुस्तकें मिल सके. दो दिन पहले मैल आईडी हैक होने पर शिक्षा मंत्री ने कहा की नाइजीरिया से ईमेल आईडी हैक हुई थी, जिसकी शिकायत साइबल डिपार्टमेंट में कर दी गई थी. साथ ही सोश्यल मीडिया के जरिए लोगों को मेल आईडी हैक होने की जानकारी भी दे दी थी.

सीएए और एनआरसी को लेकर शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने केन्द्र सरकार को आड़े हाथों लिया. शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि देश में पहली बार चुनिंदा सरकार ने कोई कानून पास किया और किसी को बोलने नहीं दिया और अब जनता को इस कानून के बारे में जानकारी देकर अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने का काम बीजेपी कर रही है, लेकिन भाजपा को समझ नहीं आ रहा है कि जो गलती हो गई है उसको स्वीकार कैसे किया जाए. ऐसे में अगर कोई गलत बात हुई है तो उसको समझना चाहिए और स्वीकार करना चाहिए.

प्रदेश के 398 उच्च माध्यमिक विद्यालय में कृषि संकाय स्वीकृत करने के आदेश पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि भारत एक कृषि प्रधान देश है और आने वाली पीढ़ी कृषि को समझ सके इसको लेकर इस संकाय को खोलने का फैसला लिया है. इससे विद्यार्थियों का पानी, फसल और भूमि की जानकारी मिलेगी और इससे राजस्थान की उत्पादन क्षमता बढ़ाने में युवाओं की सोच भी साझा हो सकेगी.