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अजमेर में अवैध मस्जिद के निर्माण को लेकर BJP नेता ने जिला अधिकारी को सौंपा ज्ञापन

नवनिर्वाचित सांसद भागीरथ चौधरी ने सरकार प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि अधिकारियों के सरकार की शह पर मस्जिद निर्माण का काम किया जा रहा है

अजमेर में अवैध मस्जिद के निर्माण को लेकर BJP नेता ने जिला अधिकारी को सौंपा ज्ञापन
इससे नाराज सैकड़ों की संख्या में हिंदूवादी संगठन के कार्यकर्ता जिला कलेक्ट्री पहुंचे.

अजमेर: ब्यावर और मसूदा इलाके में अवैध मस्जिद के निर्माण की शिकायत के साथ धर्म परिवर्तन कराने के मामले को लेकर वीरवार को अजमेर के नवनिर्वाचित सांसद भागीरथ चौधरी ब्यावर, भाजपा नेता भंवर सिंह पलाड़ा के साथ सैकड़ों कार्यकर्ता जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे. अवैध मस्जिद धर्म परिवर्तन पर रोक लगाने की मांग रखी ब्यावर से अजमेर पहुंचे सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर अपना रोष जताया. इसके बाद अतिरिक्त जिला कलेक्टर के साथ एसपी अजमेर को उचित कार्रवाई के लिए ज्ञापन सौंपा.

नवनिर्वाचित सांसद भागीरथ चौधरी ने सरकार प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि अधिकारियों के सरकार की शह पर मस्जिद निर्माण का काम किया जा रहा है, लेकिन कई बार शिकायत देने के बावजूद काम को नहीं रुकवाया गया. ऐसे में क्षेत्रवासियों में काफी रोष व्याप्त है. जिसके चलते सांप्रदायिक सौहार्द के बिगड़ने के आसार हैं. इस बात की शिकायत के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई. उन्होंने ब्यावर में मसूदा क्षेत्र में धर्म परिवर्तन कराने के मामले को भी उठाया और एसपी से जल्द कार्रवाई की मांग रखी.

बता दें कि मामला ब्यावर के रूपारेल गांव से शुरू हुआ जहां चीता मेरात समाज के लोगों द्वारा मस्जिद का निर्माण किया जा रहा था. अवैध रूप से बनाई जा रही इस मस्जिद को लेकर कई बार जिला पुलिस प्रशासन को ज्ञापन सौंप दिया गया, लेकिन कार्रवाई नहीं की गई. इससे नाराज सैकड़ों की संख्या में हिंदूवादी संगठन के कार्यकर्ता जिला कलेक्ट्री पहुंचे.

वहीं अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए भंवर सिंह पलाड़ा ने गहलोत सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि जबर और मसूदा क्षेत्र में सरकार के बनने के साथ ही बड़ी संख्या में मस्जिद का अवैध निर्माण किया जा रहा है, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई लगाम नहीं लगाई जा रही, ऐसे में अब लोगों का रोष प्रकट हो रहा है. आने वाले समय में अगर जिला प्रशासन व सरकार द्वारा रोक नहीं लगाई जाती है तो एक बड़ा आंदोलन किया जाएगा जिसकी जिम्मेदारी राज्य सरकार व प्रशासन की होगी.