गजसिंहपुर में पानी के लिए मचा हाहाकार, महिलाओं ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी

इस महामारी के बीच लोग अब पानी खरीदने को मजबूर हैं. 

गजसिंहपुर में पानी के लिए मचा हाहाकार, महिलाओं ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी
प्रतीकात्मक तस्वीर.

गजसिंहपुर: कोरोना संकट के बीच अब जगह-जगह पर पानी का भी संकट गहराने लगा है. ऐसा ही मामला श्री गंगानगर के गजसिंहपुर में सामने आया है. गजसिंहपुर के वार्ड संख्या 11-12 मे पानी की किल्लत से हाहाकार मच गया है.

पानी नही मिलने पर महिलाओं का गुस्सा फूट पड़ा. गुस्साई महिलाओं ने नगरपालिका प्रशासन और जलदाय विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. हैरानी की बात तो ये है नगरपालिका के कर्मचारियों के घरों तक भी पानी नहीं पहुंच रहा है. 

इस महामारी के बीच लोग अब पानी खरीदने को मजबूर हैं. वार्ड की महिलाओं ने अपनी आवाज़ उठाने पर नगरपालिका प्रशासन द्वारा सफाई कर्मचारियों को सस्पेंड करने का भी आरोप लगाया है. आक्रोशित महिलाओं ने लापरवाह प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है.

मिली जानकारी के मुताबिक, नगर पालिका बोर्ड ने जलदाय विभाग को ओवरहेड पानी की टंकी के लिए जगह आवंटन की थी. उसके बावजूद भी समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है. लापरवाही का नतीजा आम जन को भुगतना पड़ता है. विभाग के कर्मी पानी की सार संभाल नही करते, अब तो फिर से शहर में पानी की किल्लत होने लगी है. जनता से समक्ष योजना प्रस्ताव पेश कर मूर्ख बनाया गया. जो प्रस्ताव करीबन 3 वर्ष पहले बनाया गया, जनता प्रस्ताव नहीं, कार्य देखना चाहती है, किसी भी योजना के तहत लॉलीपॉप दिया जाता है. 

आपको बता दें कि सन 2017 में  शहर के गणमान्य व्यक्तियों ने धरना प्रदर्शन किया था. दौरान जलदाय विभाग के उच्च अधिकारियों ने तकरीबन 13 करोङ रूपये वाटर वर्क्स के निर्माण कार्य में लवाए जाने की बात कही गई, लेकिन वही खोखली घोषणा भी कागजों में दम तोड़ रही है. गजसिंहपुर के जलदाय विभाग की स्टोरेज पानी की 4 डिग्गियां पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुकी है. अगर जल्द इन्हें रिपेयर नहीं करवाया गया तो शहर सहित चार गांवों को पानी के संकट से जूझना पड़ सकता है, ऐसे में हालात और भी बिगड़ सकते हैं.