भ्रष्टाचार समाज में बुराई की तरह, लोक सेवक खुद को न समझें लोकस्वामी: कोर्ट

कोर्ट ने जमानत अर्जी खारिज करते हुए लिखा, 'लोक सेवक अब खुद को लोकस्वामी मान बैठे हैं. भ्रष्टाचार समाज में एक बुराई की तरह है.'

भ्रष्टाचार समाज में बुराई की तरह, लोक सेवक खुद को न समझें लोकस्वामी: कोर्ट
एसीबी कोर्ट एडीजी पंकज गोयल की जमानत अर्जी खारिज करते हुए तल्ख टिपण्णी की. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

केके शर्मा/कोटा: राजस्थान के कोटा में एसीबी जज ने विस्तृत आदेश निकाल कर लिखा कि लोक सेवक खुद को लोकस्वामी मान बैठे हैं. इस तल्ख टिप्पणी के बाद कोर्ट ने घूसखोर एडीजी पंकज गोयल की जमानत अर्जी खारिज कर दी. दरअसल. कोटा में घूसखोर एडीजी पंकज गोयल की जमानत अर्जी को शुक्रवार को कोटा एसीबी जज ने तल्ख टिप्पणी लिखते हुए खारिज कर दिया.

जानकारी के अनुसार, आधार्ड कार्ड (Aadhar Card) कियोस्क आंवटन मामले में घूसखोरी को एसीबी जज ने गंभीरता से माना है. उन्होंने जमानत अर्जी खारिज करते हुए लिखा, 'लोक सेवक अब खुद को लोकस्वामी मान बैठे हैं. भ्रष्टाचार समाज में एक बुराई की तरह है.'

जज ने आगे लिखा, 'भ्रष्टाचार उनमूलन के लिए समाज हित मे जमानत अर्जी स्वीकर करना उचित नही है.' बता दें कि यह संभवतः पहला मौका है जब एसीबी जज ने ऐसे वाक्य कहते हुए सभी लोकसेवसकों को हिदायत दी है कि वे खुद को लोकस्वामी ना समझें.

पांच पन्नों के आदेश में उन्होंने पंकज गोयल की जमानत अर्जी को खारिज कर दिया. गौरतलब है कि ADG पंकज गोयल को शुक्रवार को एसीबी (ACB) ने कोर्ट में पेश किया था जहां से उसे कोर्ट ने जेल भेजने के आदेश दे दिए गए. आधार्ड कार्ड कियोस्क आंवटन मामले में दिल्ली से पंकज गोयल को कोटा एसीबी ने पकड़ा था.