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कोटा: माइनिंग विभाग में सामने आया भ्रष्टाचार का बड़ा मामला, पत्र के जरिए हुआ खुलासा

इन पत्रों में  खुद माइनिंग विभाग के एडिशनल डाइरेक्टर ने आरोपी अधिकारियों एएमई ओर एसएमई पर एफआईआर दर्ज करवाने और एंटी करप्शन ब्यूरो से प्रकरणों की जांच करवाने की बात लिखी है.

कोटा: माइनिंग विभाग में सामने आया भ्रष्टाचार का बड़ा मामला, पत्र के जरिए हुआ खुलासा
इन पत्रों में एएमई, एसएमई पर भ्रष्टाचार भर में लिप्त होने के प्रमाण भी दिए गए है.

कोटा: प्रदेश के कोटा माइनिंग विभाग में भ्रष्टाचार का बड़ा मामला सामने आया है. इस पूरे घोटाले का खुलासा डीओ लेटर्स के जरिए हुआ है ऐसे में अब इस घोटाले में शामिल आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने लिए एडिशनल डायरेक्टर माइनिंग ने खान विभाग के निदेशक और एडिशनल चीफ सेक्रेटरी को पत्र लिखा है. 

जयपुर घूसकांड के बाद अब कोटा माइनिंग विभाग में भ्रष्टाचार का बड़ा खेल सामने आया है. डीओ लेटर्स के जरिए भ्रष्टाचार के इस पूरे खेल का पर्दाफाश हुआ है. ये लेटर्स खुद एडिशनल डायरेक्टर माइनिंग की तरफ से खान विभाग के निदेशक और एडिशनल चीफ सेक्रेटरी को लिखे गए है. ये पत्र बताते है कि किस तरह से AME और SME की तरफ से अन्य कर्मचारियों को मिला कर संगठित लूट को अंजाम दिया गया है.

इन पत्रों में  खुद माइनिंग विभाग के एडिशनल डाइरेक्टर ने आरोपी अधिकारियों एएमई ओर एसएमई पर एफआईआर दर्ज करवाने और एंटी करप्शन ब्यूरो से प्रकरणों की जांच करवाने की बात लिखी है. डीओ पत्रों के जरिए खुलासा हुआ है कि माइनिंग लीज के लिए आवेदन 515 ,517, 518,525 और 526  खसरों पर किया गया था, लेकिन फिर भी अन्य खसरों पर लीज के लिए स्वीकृति जारी कर दी गयी. जबकि ये खसरे चारागाह भूमि में थे साथ ही इनके लिए आवेदन भी नहीं किया गया था.

अलॉटमेंट के वख्त ना तो इन खसरों की जमाबंदी ली गयी और ना ही पटवारी ओर माइनिंग अधिकारियों की तरफ से इनका संयुक्त सीमांकन करवाया गया ताकि जमीन की मूल किस्म का पता न लग सके. एडिशनल डायरेक्टर माइनिंग ने पत्र में लिखा है कि इस घोटाले को अंजाम देने के लिए तत्कालीन खनिज अभियंता और अधीक्षण खान अभियंता स्पष्ट रूप से दोषी है.

राजकोष को नुकसान पहुंचाने और सिवायचक भूमि पर लीज अलॉट कर भ्रष्टाचार करने के 13 से ज्यादा मामलों को एसीबी में भेजने और कानूनी कार्रवाई करने के लिए पत्र लिखा गया है. इन पत्रों में एएमई, एसएमई पर भ्रष्टाचार में लिप्त होने के प्रमाण भी दिए गए है.अक्सर खनन विभाग पर अवैध खनन के आरोप लगते आये है लेकिन इस बार जो आरोप लगे है वो किसी बाहर के शख्स ने नहीं बल्कि खुद माइनिंग विभाग के आला अधिकारी ने ही इस काले खेल का पर्दाफाश किया है. 

वहीं, पत्र मिलने के बाद में माइनिंग विभाग में भी भूचाल आया हुआ है. खेल के छींटे निदेशालय तक पहुंच रंहें है क्योंकि जिस SME पर भ्रष्टाचार के आरोप लग रहे है. हाल ही में उसे भरतपुर sme के साथ एडिशनल डाइरेक्टर कोटा का अतिरिक्त चार्ज भी दिया गया है. ऐसे में सवाल खड़ा हो रहा है कि आखिर कोन है जो ऐसे भ्रस्ट अधिकारियों को पनाह दे रहा है.