राजस्थान के किसानों की बल्ले-बल्ले, पिछले साल के मुकाबले इस बार ज्यादा बंटेगा फसल ऋण

आलू, सरसों, चना, गेंहू, मटर, मसूर ये सब रबी की फसल होती है.

राजस्थान के किसानों की बल्ले-बल्ले, पिछले साल के मुकाबले इस बार ज्यादा बंटेगा फसल ऋण
रबी की फसल अक्टूबर, नवंबर में बोई जाती है और मार्च-अप्रैल में काट ली जाती है.

जयपुर: राजस्थान में रबी की फसल की बुवाई का समय शुरू हो गया है. अक्टूबर और नवंबर में किसानों को बुवाई के लिए ऋण की जरूरत होती है, इसलिए गहलोत सरकार ब्याज मुक्त फसली ऋण देने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है.

हर गांव तक, हर किसान तक फसली ऋण योजना का लाभ देने के लिए सहकारी समितियों लगी हुई है और किसानों को राहत पहुंचाने का काम कर रही है.

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कोरोना की मुश्किल घड़ी में सरकार का साथ
कोरोना की मुश्किल घड़ी में किसानों को फसलों की बुवाई के लिए सिर दर्द बढ गया है.गरीब और मध्यम वर्ग के किसानों की तो जैसे कमर ही टूट गई.लेकिन फसली ऋण योजना किसानों के लिए किसी संज़ीवनी बूटी से कम नहीं है. किसानों को गहलोत सरकार से ब्याज मुक्त फसली ऋण मिलना शुरू हो गया है, जिससे उन्हें बुवाई में कोई दिक्तत नहीं हो रही है. किसानों को समय से ब्याज मिलने से साहूकारों के भरोसे नहीं रहना पड़ रहा है.

20 लाख लक्ष्य, डेढ़ लाख को बंट चुके
राजस्थान में रबी के सीजन में सरकार का लक्ष्य करीब 20 लाख किसानों को ब्याजमुक्त ऋण बांटने का है, जिसमें से 10 दिन के भीतर डेढ़ लाख से ज्यादा किसानों को ऋण बंट चुका है. रबी के सीजन के लिए सहकारिता विभाग 6 हजार करोड का फसली ऋण किसानों को बांटेगा,ऋण बांटने की प्रक्रिया 31 मार्च तक चलेगी. इससे पहले राज्य सरकार ने 10 हजार करोड़ का खरीफ का ऋण वितरित कर किसानों को बडी राहत पहुंचाई.

इन फसलो कीं बुवाई का वक्त
आलू, सरसों, चना, गेंहू, मटर, मसूर ये सब रबी की फसल होती है. रबी की फसल अक्टूबर, नवंबर में बोई जाती है और मार्च-अप्रैल में काट ली जाती है.

पिछले साल के मुकाबले ज्यादा बंटेगा ऋण
पिछल सालों के मुकाबले इस बार ज्यादा किसानों को ऋण बंटेगा. 2019 में करीब 16 लाख किसानों को रबी का फसली ऋण वितरित हुआ था, लेकिन इस बार 20 लाख से ज्यादा किसानों को ऋण बांटने का लक्ष्य रखा गया है,ऐसा इसलिए कोरोना की मुश्किल घड़ी में ज्यादा से ज्यादा किसानों को राहत मिल सके.