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जयपुर: छापेमारी के बाद शराब कारोबारियों में मचा हड़कंप, कार्रवाई जारी

रात आठ बजे के बाद शहर में शराब मिलने की शिकायत कलक्टर बनीं बेटियों ने की थी. जिसके बाद इस तरह की प्रशासनिक कार्रवाई की गई है.

जयपुर: छापेमारी के बाद शराब कारोबारियों में मचा हड़कंप, कार्रवाई जारी
शराब के तलबगार लोगों के लिए राजधानी में शराब की कोई कमी नहीं.

जयपुर: एक दिन के लिए कलक्टर और एडीएम बनी बेटियों के निर्देशों के बाद जयपुर जिले के शराब कारोबारियों में हड़कंप मच गया. अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस(International Girls day) पर जिला प्रशासन(Distrcit Administration) की ओर से एक दिन के लिए बेटियों को जिले की कमान सौंपी गई.

इस दौरान कलक्टर और एडीएम बनी बेटियों ने जिला कलक्टर जगरूप सिंह यादव को शिकायत की थी कि शहर में रात आठ बजे बाद भी शराब बेची जा रही है. इतना ही नहीं मनचले लड़कियों को शराब पीकर परेशान करते हैं. इसके बाद कलक्टर ने डिकॉय ऑपरेशन करने का निर्णय लिया और रात आठ बजे बाद करीब 100 से ज्यादा अधिकारियों ने करीब 450 शराब की दुकानों पर छापे मारे. जहां शराब दुकानदार शराब के तलबगारों का गला तर कर रहे हैं और जेब हल्की. कलक्टर ने जिम्मेदार अफसरों को चार्जशीट थमाकर उनकों अपनी जिम्मेदारी याद दिलाई है.

जानिए पहला मामला
एसडीएम ओम प्रभा डीसीएम आरजे-14 रेस्टोरेंट के सामने शराब की दुकान पर बोगस ग्राहक बनकर पहुंची. जहां रात आठ बजे बाद तक शराब की ब्रिकी हो रहीं थी. एसडीएम ने शराब खरीदी लेकिन भनक लगने से पहले ही हरकत को कैमरे में कैद कर लिया गया. एसडीएम को देख दुकान में मौजूद दुकानदार और ग्राहक दोनों भाग निकले.

जानिए दूसरा मामला
शाहपुरा के बीदर में टीम शराब की दुकान पर पहुंची. यहां पर दुकान के बाहर लोगों की भीड़ लग रही थी. अधिकारी दुकान के पास गए. यहां शराब की बोतल मांगी. रेट 240 थी बजकि 280 रुपए मांगे.

जानिए तीसरा मामला
जयपुर के सांगानेर इलाके में टीम पहुंची. यहां पर टीम शराब की दुकान के बाहर रुकी. लोग आकर दुकान के पीछे खिड़की में हाथ डालकर शराब ले रहे थे. दुकान के बाहर एक व्यक्ति पुलिस पर नजर रख रहा था. टीम ने लड़के के जरिए ही शराब खरीदी. इसके अलावा जांच के क्रम में टीम विवेक विहार मेट्रो स्टेशन के पास पहुंची. यहां पर बाहर लड़के के जरिए शराब की बिक्री की जा रही थी. अधिकारियों ने बोगस ग्राहक बनकर शराब खरीदी. लड़का पैसे लेकर गया और अंदर से शराब लेकर आ गया. 500 रुपए लिए गए.

प्रदेशभर में जहां शराबबंदी को लेकर आवाज उठ रही है वहीं इस कारोबार से जुडे लोग और अवैध शराब ब्रिकी पर रोक के जिम्मेदार विभाग मिलीभगत कर शराब की ब्रिकी को बढावा देने में लगे हुए हैं. शराब के तलबगार लोगों के लिए राजधानी में शराब की कोई कमी नहीं. आबकारी विभाग और पुलिस की नाक के नीचे शराब दुकानदार शराब के तलबगारों का गला तर कर रहे हैं और जेब हल्की. ये खुलासा हुआ है जयपुर जिला प्रशासन की ओर से जिलेभर में शराब की दुकानों पर चलाए गए डिकॉय ऑपरेशन में.

जयपुर जिला प्रशासन के करीब 100 अधिकारियों ने बुधवार रात आठ बजे बाद जिले की 450 शराब दुकानों पर एक साथ जाकर डिकॉय ऑपरेशन किया. यहां एडीएम, एसडीएम, एसीएम और तहसीलदार स्तर के अधिकारियों ने जाकर बोगस ग्राहक बनकर शराब खरीदी. राजधानी के वैशाली नगर, मालवीय नगर, टोंक फाटक, जगतपुरा, परकोटा सहित कई दुकानों पर अधिकारी पहुंचे. इस दौरान अधिकारियों को दुकानें तो बंद मिली, लेकिन शटर के नीचे से शराब की बिक्री की जा रही थी. ऐसे में अधिकारियों ने शराब की दुकान से नीचे से बोगस ग्राहक बनकर शराब खरीदी. इतना ही नहीं दुकानों से निर्धारित दर से ज्यादा भी वसूली की जा रही थी. 100 से अधिक अफसरों की टीम ने देर रात तक शराब की दुकानों पर डिकॉय ऑपरेशन किया. अधिकारियों को रात 11 बजे तक भी शराब आसानी से मिल गई. इतना ही नहीं अफसरों ने शराब दुकानदारों की इस हरकत को अपने मोबाइल में भी कैद किया.

अफसरों की रिपोर्ट के अनुसार रात नौ बजे तक ग्रामीण क्षेत्रों में शराब के ठेकों पर शराब खरीदने वालों की भीड़ लगी हुई थी. तो कुछ जगह शटर बंद थी लेकिन शटर के नीचे से शराब बिक रहीं थी. कुछ जगह तो छोटी-छोटी खिडकी में से शराब बिकते हुए मिली. जब प्रशासन के डिकॉय ऑपरेशन का शराब ठेकेदारों का पता चला तो वो भागते हुए नजर आए.

ये हैं जिम्मेदार
रात आठ बजे बाद दुकान से शराब बिकने पर आबकारी निरीक्षक जिम्मेदार. अवैध शराब बिक रहीं है तो संबंधित थाना एचएचओ और पेट्रोलिंग ऑफिसर भी जिम्मेदार हैं. यदि शराब ओवररेट बिक रही है तो संबंधित जिला आबकारी और आबकारी निरीक्षक जिम्मेदार है.

बहरहाल, दूसरे शब्दों में कहें तो शहर में शराब की उपलब्धता अब सुबह से लेकर रात ग्यारह बजे तक है. यह अलग बात है कि रात्रि आठ बजे बाद आपको गला तर करने के लिए ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ेंगे. राजस्व के लालच में विभाग के ही कुछ अधिकारी होटल, रेस्टारेंट मालिकों से जमकर याराना निभा रहे हैं. ऐसे में राजधानी में शराब का चलन तो बढ़ ही रहा है साथ ही साथ अपराध का ग्राफ भी बढ़ता जा रहा है.