नागौर: रेलवे ने मारवाड़ बालिया स्टेशन की टिकट खिड़की की बंद, मुश्किल में यात्री

नागौर जिले के डीडवाना के नजदीक रेलवे स्टेशन जो कभी देशभर में अपने नाम और काम के लिए देशभर में प्रसिद्ध था. मगर जब काम बंद हुआ तो रेलवे ने इस स्टेशन पर टिकट खिड़की तक बन्द कर दी.

नागौर: रेलवे ने मारवाड़ बालिया स्टेशन की टिकट खिड़की की बंद, मुश्किल में यात्री
मारवाड़ बालिया रेलवे स्टेशन पर दिनभर 6 ट्रेनों का आवागमन होता है

हनुमान तंवर/डीडवाना: सांभर झील के बाद प्रदेश में नमक उत्पादन के लिए डीडवाना झील प्रदेश की बड़ी नमक उत्पादन करने वाली झील है. यहां का नमक देशभर में अपनी क्वॉलिटी और स्वाद के लिए पहचान रखता है. यहां के मारवाड़ बालिया स्टेशन पर मालगाड़ी के वैगन लगते हैं और नमक का लदान होता था. मगर अब काम बंद होते ही स्टेशन की टिकट विंडो रेलवे द्वारा इसे बंद कर दिया गया है. अब यहां यात्रियों को टिकट नहीं मिलता.

नागौर जिले के डीडवाना के नजदीक रेलवे स्टेशन जो कभी देशभर में अपने नाम और काम के लिए देशभर में खासा प्रसिद्ध था. मगर जब काम बंद हुआ तो रेलवे ने इस स्टेशन पर टिकट खिड़की बन्द कर दी. जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानी हो रही है.

बता दें कि, डीडवाना झील में जो नमक का उत्पादन होता था उसका लदान जिस स्टेशन से होकर देशभर में जाता था. डीडवाना का मारवाड़ बालिया स्टेशन जहां मालगाड़ी के वैगन लगते और नमक का लदान होता था. इस दौरान यहां जो टिकट विंडो लगा था वो बीते एक साल पहले तक काम करता था. मगर अब टिकट विंडो तो है मगर रेलवे द्वारा इसे बंद कर दिया गया है. अब यहां यात्रियों को टिकट नहीं मिलता.

गौरतलब है कि मारवाड़ बालिया रेलवे स्टेशन पर दिनभर 6 ट्रेनों का आवागमन होता है और हर रोज सेंकडो यात्री यहां से यात्रा के लिए जाते रहते है, टिकट विंडो बीते एक साल से बन्द पड़ा है और इसकी वजह से यात्रियों को बिना टिकट ट्रेन में बैठना पड़ता है. वहीं, यात्री आगे आने वाले स्टेशन से टिकट ले लेते हैं. इसी बीच अगर टीटी आ जाता है तो यात्रियों को फाइन भी लग जाता है. साथ ही, ग्रामीणों का कहना है कि जोधपुर और दिल्ली जाने वाले यात्रियों को बड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ता है.

मारवाड़ बालिया स्टेशन पर टिकट विंडो बन्द होने से ग्रामीण परेशानियों के बीच यात्रा करते है. इस दौरान जुर्माना भी बेवजह लग जाता है. ग्रामीणों के मांग के अनुरूप रेलवे को इस और ध्यान देकर टिकट विंडो को फिर से शुरू करना चाहिए. जिससे रेलवे की आय बढ़ेगी और ग्रामीणों को सुविधा मिल सकेगी.