अजमेर: 10वीं की शेष परीक्षाएं शुरू, बोर्ड ने कोरोना गाइडलाइन मानने का किया दावा

माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान के अध्यक्ष बीपी जारोली ने दावा किया है कि, केंद्र और राज्य सरकार की कोरोना गाइडलाइन के अनुरूप ही इन परीक्षाओं का आयोजन किया जा रहा है.

अजमेर: 10वीं की शेष परीक्षाएं शुरू, बोर्ड ने कोरोना गाइडलाइन मानने का किया दावा
बोर्ड द्वारा 6200 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं.

मनवीर सिंह/अजमेर: माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान की दसवीं बोर्ड परीक्षा को रद्द किए जाने की याचिका को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) द्वारा खारिज किए जाने के बाद, सोमवार से दसवीं बोर्ड की परीक्षाएं फिर से शुरू हो गई हैं.

माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान के अध्यक्ष बीपी जारोली ने दावा किया है कि, केंद्र और राज्य सरकार की कोरोना गाइडलाइन के अनुरूप ही इन परीक्षाओं का आयोजन किया जा रहा है और परीक्षा के दौरान बच्चों को कोरोना वायरस (Coronavirus) संक्रमण से बचाने के लिए सभी आवशयक कदम उठाए जा रहे हैं.

माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान के अध्यश डी पी जारोली ने अजमेर के जवाहर स्कूल का निरक्षण किया और सभी अधिकारियों व शिक्षको को आवशयक दिशा निर्देश भी दिए. कोरोना वायरस के चलते परीक्षा केन्द्रों पर परीक्षार्थियों की थर्मल स्क्रीनिंग कि गई.

बोर्ड अध्यश डीपी जारोली ने कहा कि, सभी परीक्षा केन्द्रों को सैनिटाइज किया गया है. परीक्षा केन्द्रों पर सोशल डिस्टेंसिंग (Social Distancing) को सुनिश्चित किया गया है. राज्य में कई ऐसे परीक्षा केंद्र भी थे, जहां सोशल डिस्टेंसिंग सभव नहीं थी, इसीलिए बोर्ड द्वारा 6200 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं.

दरअसल, माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान की दसवीं बोर्ड की शेष रही परीक्षाओं को रद्द करने की मांग करने वाली याचिका को रविवार को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया था. बोर्ड अध्यक्ष डीपी जारोली ने बताया कि, छुट्टी के बावजूद रविवार के दिन भी सुप्रीम कोर्ट ने इस विषय पर सुनवाई के निर्देश दिए थे और सुप्रीम कोर्ट की तीन सदस्यीय खंडपीठ ने सुनवाई के बाद माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान के पक्ष को सही मानते हुए याचिका को खारिज कर दिया.

माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान द्वारा सुप्रीम कोर्ट को बताया गया कि, केंद्र सरकार और राज्य सरकार द्वारा जो कोरोना गाइडलाइन जारी की गई है, उसी के तहत इन परीक्षाओं का आयोजन किया जा रहा है. सुप्रीम कोर्ट ने माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान द्वारा दिए गए तर्कों से सहमत होते हुए, याचिका को खारिज कर दिया.