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राजस्थान: आसामाजिक तत्वों का केंद्र रह चुका फाटक अब दिखता है ऐसा, 2 लोगों ने की काया पलट

सुबह की सैर करने वाले भी यहां कुछ देर न रुकें तो चैन नहीं मिलता. एक बार कोई यहां आ गया तो बार बार आना चाहता है क्योंकि यहां का प्राकृतिक सौंदर्य है ही ऐसा है.

राजस्थान: आसामाजिक तत्वों का केंद्र रह चुका फाटक अब दिखता है ऐसा, 2 लोगों ने की काया पलट
रेलवे का सी 1 फाटक आज किसी टूरिज्म पॉइंट से कम नहीं लगता है.

श्रीगंगानगर: राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने देश को स्वर्ग बनाने के लिए स्वच्छ भारत का सपना देखा था. 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे मिशन के रूप में आगे बढ़ाया. सूरतगढ़ फोरलेन बाईपास पर रेलवे का सी 1 फाटक पीएम मोदी के इस मिशन की मिसाल बन चुका है. पीएम के इस अभियान से प्रेरित हो कर रेलवे के दो गेटमैन पूनमचंद उपाध्याय और महेंद्र लगन, निष्ठा और मेहनत के साथ इस रेलवे फाटक की गुमटी के जीर्णोद्धार में जुट गए हैं.

जानकारी के लिए बता दें कि करीब 6 साल पहले पूनमचंद उपाध्याय और महेंद्र इस रेलवे फाटक पर तैनात हुए थे. इससे पहले रेलवे फाटक का आसपास का क्षेत्र असामाजिक गतिविधियों का केंद्र बना हुआ था. 6 साल में सब कुछ बदल चुका है. रेलवे का सी 1 फाटक आज किसी टूरिज्म पॉइंट से कम नहीं है. लोग यहां आकर प्रकृति का लुत्फ उठाते हैं. वहीं, यात्री यहां कुछ देर विश्राम के लिए ठहरते हैं तो स्वर्ग सा सुकून पाकर राहत महसूस करते हैं. 

सुबह की सैर करने वाले भी यहां कुछ देर न रुकें तो चैन नहीं मिलता. एक बार कोई यहां आ गया तो बार बार आना चाहता है क्योंकि यहां का प्राकृतिक सौंदर्य है ही ऐसा. ये सब गेट मैन पूनमचंद उपाध्याय और महेंद्र की मेहनत और लगन से संभव हुआ है. विपरीत परिस्थितियों में विभागीय सहयोग नहीं मिलने के बावजूद इन दोनों कर्मचारियों ने अपनी जेब से पैसे खर्च कर यहां महंगे से महंगे पौधे लगाए और पूरी गुमटी की साज सज्जा की. 

पूनम उपाध्याय पर्यावरण प्रेमी हैं वहीं महेंद्र चित्रकार है साथ ही उसे पौधे लगाने का शौक भी है दोनों कर्मचारी ड्यूटी से थोड़ा सा भी समय मिलते ही गुमटी को और भव्य बनाने के काम में लग जाते हैं. गुमटी में आकर्षक चित्रकारी की गई है वहीं, रेल समयसारिणी व नियमों की जानकारी प्रदर्शित की गई है. आगन्तुकों के लिए विश्राम, छाया और प्राकृतिक रूप से शुद शीतल जल की व्यवस्था भी की गई है. रेलवे के बड़े अधिकारी भी इस रेलवे फाटक का दौरा कर दोंनो कर्मचारियों की पीठ थपथपा चुके हैं. बीकानेर रेल मंडल में सूरतगढ़ की ये गुमटी सर्वश्रेष्ट मानी गई है. वहीं, रेल अधिकारी रेलवे के अन्य फाटकों पर भी इसी तरह के सौंदर्यकरण की सिफारिश की है.