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राजस्थान: थानागाजी गैंगरेप के बाद सरकार ने बनाई महिला सुरक्षा के लिए विशेष योजना

एसीएस गृह राजीव स्वरूप की अध्यक्षता में 28 मई को राज्य के करीब दो दर्जन महकमों के आला अफसर महिला सुरक्षा को लेकर बनाई गई इस कार्य योजना को अंतिम रूप में देंगे.  

राजस्थान: थानागाजी गैंगरेप के बाद सरकार ने बनाई महिला सुरक्षा के लिए विशेष योजना
इसके लिए सभी आवश्यक संस्थाओं का सहयोग लिया जाएगा.

अलवर: जयपुर के थानागाजी में विवाहिता से हुए गैंगरेप के बाद महिलाओं व बच्चियों पर अपराधों को लेकर सरकार सतर्क हो गई है. राज्य सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा के एक विशेष कार्ययोजना तैयार की है. इसके तहत अपराध व अपराधियों से सतर्क करने के लिए कई उपाय किए जाएंगे. एसीएस गृह राजीव स्वरूप की अध्यक्षता में 28 मई को राज्य के करीब दो दर्जन महकमों के आला अफसर महिला सुरक्षा को लेकर बनाई गई इस कार्य योजना को अंतिम रूप में देंगे.  

अलवर के थानागाजी में पति के सामने विवाहिता से गैंगरेप की घटना ने राजस्थान को पूरे देश में शर्मशार कर दिया. इस घिनौनी वारदात पर राजस्थान लेकर देश की सियासत तक गरमाई. वारदात के बाद पुलिस ने आरोपियों को पकड़ लिया, लेकिन आगे से इस तरह की वारदातों पर अंकुश लगे, इसके लिए कार्ययोजना तैयार की गई है. महिलाओं व बच्चियों के साथ होने वाले अपराधों की रोकथाम के लिए तैयार इस कार्ययोजना में समाज के सभी तबकों को शामिल किया गया है. इसमें दर्ज अपराधों की जांच, कार्रवाई से लेकर अपराध रोकने के लिए जागरुकता फैलाने की जरूरत बताई गई है. इसके लिए सभी आवश्यक संस्थाओं का सहयोग लिया जाएगा. 

कार्य योजना पर अफसर करेंगे मंथन
महिला सुरक्षा के मुद्दे पर तैयार कार्ययोजना को कई भागों में विभाजित किया गया है. कार्य योजना की मंजूरी से पहले अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह राजीव स्वरूप की अध्यक्षता में 28 मई को आला अफसरों की बैठक होगी. बैठक में डीजीपी, विधि सचिव सहित करीब दो दर्जन विभागों के आला अफसर मौजूद रहेंगे. इस दौरान महिलाओं व बच्चियों के खिलाफ व पॉस्को एकट में दर्ज केसों की समीक्षा की जाएगी. इसमें दर्ज मामलों की संख्या, पेंडेंसी, जांच, दो महीने की जांच आदि का गहन अध्ययन किया जाएगा. इसी तरह सुरक्षा उपाय उठाने पर चर्चा की जाएगी. महिलाओं व बच्चियों की सुरक्षा के लिए प्रमुख कदम उठाए जाएंगे.

चलाए जाएंगे जागरुकता कार्यक्रम 
कार्य योजना के अनुसार महिला सुरक्षा बढ़ाने के लिए जागरुकता कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे. विज्ञापन कंपनियों के जरिए जागरुकता फैलाई जाएगी. वहीं जागरुकता में सीएलजी, महिला संगठनों, पंचायतीराज संस्थाओं, महिला संस्थानों का उपयोग किया जाएगा. इसी तरह एससी-एसटी, प्रवासी निवासी, कच्ची बस्तियों में अतिसंवेदनशील ग्रुप बनाए जाएंगे. इन्हें जनजागरण से जोड़ा जाएगा. इसी तरह स्टूडेंट पुलिस कैडेट प्रोग्राम चलाया जाएगा. इसके तहत नो योवर पुलिस, नो योवर स्टूडेंट प्रोग्राम शुरू किया जाएगा. महिला व बाल अपराधों पर अंकुश के लिए वन स्टोप क्राइम, महिला सुरक्षा केंद्र का सहयोग लिया जाएगा.