Rajasthan: पुजारी शंभू प्रकरण में आंदोलन खत्म, सरकार से हुआ समझौता

Shambu Sharma Murder: प्रदेश में मंदिर माफी की जमीनों के संरक्षण के लिए कमेटी गठित करने, दर्ज एफआईआर की जांच रेंज आईजी की देखरेख में जांच तथा संभागीय आयुक्त के 30 अप्रैल तक समयबद्ध जांच को लेकर समझौता हुआ. 

Rajasthan: पुजारी शंभू प्रकरण में आंदोलन खत्म, सरकार से हुआ समझौता
पुजारी शंभू प्रकरण में आंदोलन खत्म. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

Jaipur: दौसा जिले के शंभू पुजारी की मौत के मामले में न्याय को लेकर चल रहा आंदोलन आखिरकार खत्म हो गया. आंदोलनकारी प्रतिनिधिमंडल और सरकार के बीच कई मांगों पर सहमति बनी. प्रदेश में मंदिर माफी की जमीनों के संरक्षण के लिए कमेटी गठित करने, दर्ज एफआईआर की जांच रेंज आईजी की देखरेख में जांच तथा संभागीय आयुक्त के 30 अप्रैल तक समयबद्ध जांच को लेकर समझौता हुआ. इसके बाद आंदोलन समाप्ति की घोषणा की गई और पुजारी शंभू के शव को दौसा के टीकरी गांव लेकर अंतिम संस्कार किया गया. 

गौरतलब है कि दौसा जिले के महुआ के टीकरी गांव निवासी पुजारी शंभू शर्मा की दो बीघा जमीन की कुछ भूमाफियाओं ने रजिस्ट्री करा ली थी. इस पर पुजारी ने भूमाफियाओं के खिलाफ महुआ थाने में केस दर्ज कराया था. इसके बाद दो अप्रैल को पुजारी शंभू शर्मा की मौत हो गई. वहीं, राज्यसभा सांसद किरोड़ी लाल मीण ने आरोप लगाते हुए 3 अप्रैल से पुजारी शंभू को न्याय दिलाने के लिए प्रदर्शन किया. प्रशासन ने नहीं सुनी तो सांसद मीणा ने आंदोलन शुरू कर दिया. इधर, आठ अप्रैल तक जिला प्रशासन से वार्ता में समझौता नहीं हुआ तो मीणा 9 अप्रैल को गुपचुप तरीके से पुजारी शंभू का शव लेकर जयपुर सिविल लाइन फाटक पर आ डटे. 

सरकार को जगाने का प्रयास
सिविल लाइन पर मीणा के आंदोलन को भाजपा के प्रदेशस्तरीय नेताओं का सहयोग मिला. कई बाद आंदोलन के दौरान तानतनी के क्षण भी आए. राजस्व मंत्री हरीश चौधरी ने आंदोलनकारियों के प्रतिनिधि मंडल से वार्ता की, लेकिन सहमति नहीं बन सकी. इस दौरान आंदोलन जोर पकड़ने लगा तो आंदोलनकारी प्रतिनिधि मंडल को दूसरे दौर की वार्ता के लिए सरकार ने रविवार का न्यौता दिया. सरकार के प्रतिनिधि के रूप में  सरकारी मुख्य सचेतक महेश जोशी वार्ता में शामिल हुए, इनके साथ मुख्य सचिव निरंजन आर्य, डीजीपी एमएल लाठर, प्रमुख सचिव गृह अभय कुमार, पुलिस कमिश्नर आनंद श्रीवास्तव, दौसा कलेक्टर पीयूष सामरिया आदि अधिकारी मौजूद रहे.

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वहीं, आंदोलनकारी पक्ष से सांसद किरोड़ीलाल मीणा, रामचरण बोहरा, पूर्व मंत्री अरुण चतुर्वेदी, विधायक अशोक लाहौटी, प्रदेश प्रवक्ता लक्ष्मीकांत भारद्वाज, शहर अध्यक्ष राघव शर्मा और विप्र फाउंडेंशन के जोन अध्यक्ष राजेश कर्नल शामिल थे. 

         वार्ता में निकली सुलह की राह 

  • सरकार और आंदोलनकारी प्रतिनिधिमंडल के बीच करीब दो घंटे तक वार्ता चली. इस दौरान दोनों तरफ से बर्फ पिघली और दोनों पक्षों के बीच सहमति हुई. इन मामलों दोनों पक्षों में हुई सहमति-
  • प्रदेश में मंदिर माफी की जमीनों के संरक्षण के लिए कमेटी का गठन किया जाएगा. यह कमेटी दूसरे राज्यों का अध्ययन करके राज्य सरकार को विधिक और प्रशासनिक उपाय सुझाएगी और कानून की अनुशंषा करेगी.
  • मामले में महुआ थाने में दर्ज FIR 308/2003 धारा 302, 450, 460 IPC, एफआईआर 412/2020 के तहत धारा 420, 468 एवं 471 तथा एफआईआर 131/2020 व 208/2020 तहत आईपीसी 302 और 120 बी की जांच जयपुर रेंज आईजी की देखरेख में की जाएगी.
  • संभागीय आयुक्त 30 अप्रैल तक निम्न प्रकरणों की समयबद्ध रूप से जांच करेंगे. 
  • महुआ के खसरा 428/1118 रकबा 0.62 हैक्टेयर में पट्टे बनाकर 172 दुकानों का निर्माण किया गया है, उनकी जांचकर कार्रवाई की जाएगी. जांच पूरी होने तक सील  रहेगी.
  • महुआ के खसरा 239/1058 रकबा 0.02 हैक्टेयर रास्ते की जमीन पर किए गए अतिक्रमण को 26 अगस्त तक 2020 को एक बार हटा दिया गया था, उसका सत्यापन किया जाएगा और पूरा अतिक्रमण हटाया जाएगा.
  • टीकरी गांव में पुजारी शंभू की 2 बीघा जमीन को कुर्क किया जाएगा.
  • टीकरी गांव में ही मंदिर माफी की 26 बीघा जमीन को कुर्क कर दुकानों को सील कर सरकारी कब्जे में लिया जाएगा तथा जांच कर उन्हें हटाया जाएगा.
  • प्रकरण में महुआ नगर पालिका के तत्कालीन EO की भूमिका की जांच और कार्रवाई की जाएगी.
  • SDM दौसा के कथित दुर्व्यवहार की जांच तथा उसे हटाया जाएगा.
  • 8 अप्रैल को महुआ में बल प्रयोग से जगदीश सैनी के बेहोश होने तथा मृत्यु के सम्बंध में जांच की जाएगी. जांच में सही पाए जाने पर दस लाख का मुआवजा दिलाया जाएगा.

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आंदोलन खत्म की घोषणा, पोस्टमार्टम के बाद शव रवाना 
सरकार से समझौते के बाद प्रतिनिधिमंडल के सदस्य सिविल लाइन फाटक पहुंचे. सरकार से हुए समझौते की जानकारी देते हुए आंदोलन खत्म करने की घोषणा की. इसके बाद पुजारी शंभू शर्मा का शव सवाई मानसिंह अस्पताल ले जाया गया. सवाई मानसिंह अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद शव को टीकरी गांव ले जाया गया.