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राजस्थान: जन्माष्टमी के रंग से सराबोर हुए सभी मंदिर, सजाई गई विशेष झांकिया

चौड़ा रास्ता स्थित राधा दामोदर मंदिर में दोपहर 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ. जहां वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजन, पंचामृत अभिषेक कर नई पोशाक धारण करवाई गई. 

राजस्थान: जन्माष्टमी के रंग से सराबोर हुए सभी मंदिर, सजाई गई विशेष झांकिया
बेंगलुरु के कलाकारों ने भगवान का श्रृंगार किया.

जयपुर: भाद्रपद माह कृष्णाष्टमी शनिवार को पूरे राजस्थान में धूमधाम से मनाई गई.जन्माष्टमी के मौके पर छोटीकाशी में देर रात तक कृष्ण के रंग में रंगी नजर आई. सुबह से ही भक्त शहर के आराध्य देव गोविंद देव जी मंदिर, राधा-दामोदर, गोपीनाथ, कृष्ण बलराम, इस्कॉन, आनंद कृष्ण बिहारी, ब्रज निधि, रामचंद्र जी, कनक वृंदावन मंदिर सहित अन्य मंदिरों में भक्त प्रभु के दर्शनों के लिए पहुचंने लगे. शाम होते होते दर्शनों के लिए लंबी-लंबी कतारें नजर आने लगीं. 

यहां दोपहर में जन्मे कान्हा
चौड़ा रास्ता स्थित राधा दामोदर मंदिर में महंत मलय गोस्वामी के सान्निध्य में दोपहर 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ. इस बीच वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजन, पंचामृत अभिषेक कर नई पोशाक धारण करवाई गई. नाहरगढ़ पहाड़ी स्थित चरण मंदिर में दोपहर 12 बजे मंदिर महंत सुरेश कुमार पारीक के सान्निध्य में भगवान कृष्ण के चरण चिन्ह का वैदिक मंत्रोच्चार से अभिषेक हुआ. ठाकुर जी के 21000 लड़ू का भोग लगाकर लड़ू की मनोरम झांकी सजाई गई. गौरतलब है कि यहां हजारों साल पहले मथुरा से द्धारिका जाते समय कान्हा आमेर के रास्ते से निकले थे. पहाड़ी स्थित चरण मंदिर में कृष्ण भगवान के चरण पड़े थे, इसलिए इसका नाम चरण मंदिर रखा. इसके साथ ही कई अन्य प्रसंग भी मंदिर से जुड़े हैं. रामगंज बाजार स्थित लाड़ली जी मंदिर में दोपहर 12 बजे भगवान का अभिषेक हुआ.

निकलेगी शोभायात्रा
रविवार की सुबह 10 बजे गोविंद देव जी मंदिर में नंदोत्सव मनाया जाएगा, जिसमें बधाई गान-गान के साथ भक्तों को फल, टॉफी आदि की उछाल लुटाई जाएगी. अन्य सभी मंदिरों में नंदोत्सव होगा. शाम चार बजे से गोविंद देव मंदिर ट्रस्ट की ओर से लवाजमें के साथ शोभायात्रा निकाली जाएगी. शोभायात्रा मंदिर प्रांगण से जलेबी चौक, से होते हुए पुरानी बस्ती गोपीनाथ मंदिर पहुंचेगी. शोभायात्रा में 15 से ज्यादा झांकियां, कीर्तन मंडल भी शामिल होंगे. आरती के बाद शोभायात्रा का समापन होगा.

सजी झांकियां
मंदिरों एवं कई जगहों पर झांकियां सजाई गई. वहीं कई सजीव झांकिया भी आकर्षण का केंद्र रही. भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं को प्रदर्शित करती हुई संदेशों के साथ सजीव झांकियां सजाई गई. वहीं पूरे राजस्थान में रविवार को नंदोत्सव मनाया जाएगा और झांकियां भी निकाली जाएगी. 
 
1008 तरह के व्यंजनों का भोग
मानसरोवर धौलाई स्थित गिरधारी दाऊजी मंदिर इस्कॉन में थाईलैंड, बेंगलुरु और महाराष्ट्र से मंगवाए गए फूलों से रोशनी की. कान्हा को 1008 तरह के व्यंजनों का भोग और केक का भोग लगाया गया. अध्यक्ष पंचरत्ना दास ने बताया कि राधा मदन मोहन, गिरधारी दाउजी, भगवान चैतन्य महाप्रभु, नित्यानंद महाप्रभु को चार लाख रुपए की पोशाक पहनाई गई. इसमें सिल्क के कपडे के अलावा आभूषण, मुकुट की लागत भी शामिल है. इस मौके पर नाटिकाएं, प्रतियोगिताओं के अलावा 108 स्वर्ण, रजत कलशों से विभिन्न औषधियों से अभिषेक हुए. इस्कॉन के स्वदेशी-विदेशी भक्तों द्वारा महाहरिनाम संकीर्तन और भजनों से भगवान श्रीकृष्ण को रिझाया. वहीं रात 12 बजे भगवान गिरिधारी दाऊजी का अभिषेक और महाआरती की गई. रविवार को नंदोत्सव के साथ इस्कॉन के संस्थापक आचार्य श्रील प्रभुपाद का 123 वां जन्मदिन भी धूमधाम से मनाया जाएगा.

यहां भी हुए विशेष कार्यक्रम
जगतपुरा स्थित कृष्ण बलराम मंदिर में रात 12 बजे भगवान के 51 प्रकार के विभिन्न फलों और औषधियों के रस से अभिषेक हुए. बच्चों ने पौराणिक वेशभूषा में प्रस्तुति दी. इसके साथ झूलन और झांकियां सजाई गई. कर्यक्रम समन्वयक सिद्धस्वरुपा दास ने बताया कि इस बार भगवान का दक्षिण की तर्ज पर श्रृंगार किया गया. बेंगलुरु के कलाकारों ने भगवान का श्रृंगार किया. वहीं मुंबई की ट्रेडिशनल ज्वैलरी, मैसूर सिल्क कपड़े की वृंदावन के कारीगरों द्धारा तैयार बारीकी से काम की गई पोशाक देखने लायक रही.