राजस्थान विधानसभा: बूंदी बस हादसे को लेकर बीजेपी ने किया गहलोत सरकार पर हमला

नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने कहा, बस मालिक के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करवाया जाए. सिटी बस परमिट के बावजूद बाहर कैसे भिजवाया गया.

राजस्थान विधानसभा: बूंदी बस हादसे को लेकर बीजेपी ने किया गहलोत सरकार पर हमला
बीजेपी ने कहा इस मामले में मुआवजे की घोषणा सरकार को करनी चाहिए.

जयपुर: राजस्थान के बूंदी की मेज नदी में बस गिरने से 24 लोगों की मौत के मामले में आज मंत्री शांति धरीवाल ने सदन में जवाब दिया. कहा कि मेज नदी में 26 फरवरी को 9.20 बजे बस गिरी, जिसमें 24 लोगों की मौत हुई. तभी, बस का एक्सेल टूटा पाया गया और आपदा राहत से मिली सूचना के अनुसार बस का टायर फटना दुर्घटना का प्रमुख कारण हो समता है. हालांकि, इसके साथ ही धारीवाल ने माना कि बस का वैध फिटनेस प्रमाण पत्र नहीं था. बस नगरीय परमिट की थी, परमिट 19.7.23 तक का है, बस का बीमा भी था, सवाईमाधोपुर जाने के लिए अस्थायी परमिट बनवाया थाय

खबरों के मुताबिक, तीन परिवहन अधिकारियों को भेजकर बस के दस्तावेजों की जांच करवाई जा रही है. परिवहन विभाग के अफसर दुर्घटना के कारणों की जांच करेंगे. इस मामले में बोलते हुए उपनेता प्रतिपक्ष राजेन्द्र राठौड ने कहा कि सरकार बताए कि कितने सीटर परमिट थी बस. नगरीय परमिट की बस  कैसे बाहर गई, उस बस का फिटनेस प्रमाण पत्र भी नहीं था. इस लापरवाही ने 24 लोगों की जान ले ली. राजेन्द्र राठोड, चंद्रकांता मेघवाल और संदीप शर्मा ने मृतकों के परिजनो को 10-10 लाख के मुआवजे दिए जाने की मांग की. तभी निर्दलीय संयम लोढ़ा ने कहा, इस घटना पर पीएम मोदी ने भी ट्वीट कर दुख जताया. क्या, पीएम सहायता कोष से भी सहायता की घोषणा हुई. पूर्व मंत्री बाबूलाल वर्मा के चेहरे पर घटनास्थल पर जाने पर मिट्टी पोतने के क्या कारण रहे.

वहीं, नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने कहा, बस मालिक के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करवाया जाए. सिटी बस परमिट के बावजूद बाहर कैसे भिजवाया गया. बस का परमिट कब खत्म हुआ. क्या विभाग ने बस मालिक को नोटिस दिया था. अगर नहीं दिया तो विभाग का भी दोष है. 30 सीटर बस का परमिट था तो क्षमता से ज्यादा सवारियां कैसे बैठाई गई. यह हादसा बेहद दुखद है. कई परिवारों में तो केवल बच्चे ही पीछे बचे हैं. पीछे रह गए मासूम बच्चों के लिए सरकार सहायता की घोषणा करें.

इस दौरान जब धारीवाल ने हाइवे के निर्माण बीजेपी के समय होने की बात कही तो बीजेपी के नेताओं ने हंगामा कर दिया. हंगामे के बीच ही बीजेपी विधायकों ने सदन से वॉकआउट किया. इस दौरान हंगामे के बीच ही अध्यक्ष सीपी जोशी ने चर्चा को समाप्त कर दिया. इसके बाद दोबारा जब बीजेपी विधायक सदन में आये तो इस मामले पर बोलते हुए फिर नेता प्रतिपक्ष गुलाब कटारिया ने सवाल दागते हुए मुआवजा बढने की मांग की. इस पर धारीवाल ने फिर मेगाहाईवे को लेकर बोलना शुरू किया.

जिसके बाद स्पीकर सीपी जोशी ने उन्हे मामले पर ही बोलने को कहा जिस पर धारीवाल ने दोहराया कि परिवहन मंत्री प्रताप सिंह और स्वास्थय मंत्री रधु शर्मा मौके पर पहुच गये थे. मुख्यमंत्री इस मामले में इतने संशेदनशील है कि कल प्रभावितों से मिलने जायेगे. उस दौरान मौके पर डिमांड को देखकर आगे और घोषणा की जा सकती है. 

इस पर कटारिया ने फिर कहा कि इस मामले में आज ही मुआवजे की घोषणा सरकार को करनी चाहिए. इस पर स्पीकर सीपी जोशी ने सदन में कहा कि शाम को होने वाले रिप्लाई में मुख्यमंत्री सदन में इसे लेकर बात साफ कर देंगे.