राजस्थान विधानसभा चुनावः अधूरे वादों को चुनावी घोषणा पत्र में शामिल करेगी भाजपा

भाजपा का मानना हैं कि पुराने घोषणा पत्र में से दस प्रतिशत वादे पूरे नहीं हुए. 

राजस्थान विधानसभा चुनावः अधूरे वादों को चुनावी घोषणा पत्र में शामिल करेगी भाजपा
फोटोः @VasundharaBJP

जयपुरः राजस्थान में चुनावी घोषणा के बाद जीत का एजेंडा दो अहम कदमों पर निर्भर हैं. पहला चुनावी घोषणा पत्र और दूसरा उम्मीदवारों की घोषणा. राज्य की दोनों राजनीतिक पार्टियों में इन पर मंथन जारी हैं. प्रदेश भाजपा ने बुधवार को घोषणा पत्र समिति की पहली बैठक में स्पष्ट किया की जो भी वादे होंगे वो पूरे किए जाएगें.  भाजपा का मानना हैं कि पुराने घोषणा पत्र में से दस प्रतिशत वादे पूरे नहीं हुए. इन वादों को ना केवल नए चुनावी घोषणा पत्र में शामिल किया जाएगा साथ ही अगर सत्ता में आते हैं तो पूरा किया जाएगा. 

राजस्थान भाजपा ने बुधवार को घोषणा पत्र समिति की पहली बैठक में भावी जीत के संकल्पों पर मंथन किया.  हालांकि खुद समिति अध्यक्ष राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि पिछली दस फीसदी घोषणाएं अधूरी हैं उनको पूरा करने का संकल्प भी नए घोषणा पत्र में होगा.  इनमें पेयजल, इंफ्रास्टक्चर, शिक्षा, चिकित्सा और रोजगार के साथ महिलाओं और युवाओं से जुड़े सुझावों को भी प्रमुखता दी गई. वहीं दशहरे से पहले घोषणापत्र को अंतिम रूप दिया जा सकता हैं. 

भाजपा का घोषणा पत्र केंद्र और राज्य के बड़े नेताओं की मौजूदगी में होगा. समिति उन सुझावों पर भी काम कर रही हैं जो यात्राओं के दौरान मिले हैं. घोषणा पत्र समिति के अध्यक्ष राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि घोषणा पत्र में गुड गवर्नेंस और डवलपमेन्ट पर फोकस रहेगा. 

अन्य राज्यों की अच्छी घोषणाएं भी होंगी शामिल
भाजपा शासित राज्यों की ओर से जारी घोषणापत्रों का भी समिति सदस्य अध्ययन कर रहे हैं. राजस्थान के लिहाज से उपयोगी अन्य राज्यों की घोषणाओं को भी शामिल किया जाएगा.  भाजपा घोषणा पत्र समिति की बैठक में सदस्य राव राजेंद्र सिंह, अर्जुन राम मेघवाल, अरुण चतुर्वेदी, वीरू सिंह राठौड, औंकार सिंह लखावत मौजूद रहे. आगामी चुनावों में भाजपा का चुनावी केम्पेन और मतदाताओं का रूझान काफी हद तक घोषणा पत्र पर निर्भर करेगा करोड़ों मतदाताओं की मुहर भी घोषणा पत्र में किए गए वादों ओर नीयत के इंतजार में रहेगी.