राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी ने दी मंत्रियों के चैंबर पर ताला लगवाने की धमकी!

स्पीकर ने साफ कहा कि अगर मंत्री शून्य काल छोड़कर गए तो आपके चैंबर पर ताला लगवा दूंगा. विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे चरण में स्पीकर डॉक्टर सीपी जोशी लगातार अपने सख्त तेवर दिखा रहे हैं. 

राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी ने दी मंत्रियों के चैंबर पर ताला लगवाने की धमकी!
दूसरे चरण में स्पीकर डॉक्टर सीपी जोशी लगातार अपने सख्त तेवर दिखा रहे हैं.

जयपुर: अपने सख्त रवैये से पहचान बनाने वाले डॉक्टर सीपी जोशी ने स्पीकर की कुर्सी से सरकार के मंत्रियों को भी सख्त लहजे में चेताया है. सदन में मंत्रियों को सीधी हिदायत देते हुए स्पीकर ने मंत्रियों को शून्यकाल के दौरान सदन में ही मौजूद रहने को ताकीद किया.

इतना ही नहीं, स्पीकर ने साफ कहा कि अगर मंत्री शून्य काल छोड़कर गए तो आपके चैंबर पर ताला लगवा दूंगा. विधानसभा के बजट सत्र के दूसरे चरण में स्पीकर डॉक्टर सीपी जोशी लगातार अपने सख्त तेवर दिखा रहे हैं. 

स्पीकर का तल्ख रवैया गुरुवार को भी शून्यकाल के दौरान सदन में दिखा. दरअसल प्रश्नकाल की समाप्ति के ठीक बाद स्पीकर शून्यकाल के मुद्दों और व्यवस्थाओं की जानकारी सदन को दे रहे थे. अध्यक्ष की तरफ से सदन को विषयों की जानकारी देने के तत्काल बाद सरकार के मंत्रियों को ताकीद कर दिया. 

स्पीकर की बात का स्वागत भी किया गया
अध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी ने आसन से निर्देश देते हुए कहा कि शून्यकाल के दौरान कोई भी मंत्री सदन से बाहर नहीं जाए. अध्यक्ष के इस निर्देश पर विपक्ष के सदस्यों ने मेजें थपथपा कर स्पीकर की बात का स्वागत भी किया.

संबंधित विभाग के मंत्री सदन में नहीं थे मौजूद 
दरअसल, इससे पहले भी अध्यक्ष इस बात का जिक्र कर चुके हैं कि मंत्रियों को शून्यकाल के दौरान उठने वाले मुद्दों की जानकारी रहनी चाहिए. बुधवार को भी सदन में ऐसी स्थिति बनी, जब कुछ विभागों से जुड़े मुद्दे उठाए गए लेकिन संबंधित विभाग के मंत्री सदन में मौजूद नहीं थे. इससे पहले भी मंत्रियों में शून्यकाल के दौरान अपने चैंबर में चले जाने का रवैया देखा गया है. मंत्रियों के इस रवैये से क्षुब्ध होकर ही अध्यक्ष ने आसन से इस बात की व्यवस्था दी. अध्यक्ष की व्यवस्था के बाद शून्यकाल की कार्यवाही शुरू हो गई थी लेकिन स्पीकर के निर्देश पर मंत्रियों के बीच कानाफूसी दिखी. 

इस पर अध्यक्ष ने एक बार फिर मंत्रियों को टोकते हुए कहा कि अगर शून्यकाल में मंत्री सदन में मौजूद नहीं रहेंगे तो मजबूरन अध्यक्ष को उनके चैंबर पर ताला लगवाना पड़ेगा.

खुद को प्रताड़ित महसूस कर रहे हैं अध्यक्ष
सोमवार से शुरू हुए बजट सत्र के दूसरे चरण में अभी तक चार दिन की कार्यवाही हुई है और रोजाना अध्यक्ष को सख्त होना पड़ा है. सोमवार को निर्दलीय विधायक संयम लोढ़ा को सदन के वेल में आने पर स्पीकर ने चेताया तो दूसरे दिन छपाक फ़िल्म पर सवाल से उछले विवाद के बाद बीजेपी ने प्रश्नकाल का बहिष्कार किया लेकिन अध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी ने पूरा प्रश्नकाल बिना विपक्ष के चलाया. 

बुधवार को भी सरकार के मंत्री की बात पर अध्यक्ष ने कहा कि आसन पर बैठने के बाद से वे खुद को प्रताड़ित महसूस कर रहे हैं. अध्यक्ष के तल्ख रवैये से लगातार यह स्थापित होता जा रहा है कि सीपी जोशी पूरी तरह नियम और कायदों से सदन को चलाएंगे और बजट सत्र के दूसरे चरण में वे इसे स्थापित भी करते दिख रहे हैं.