राजस्थान विधानसभा में आरक्षण और ललित मोदी मामले पर हंगामा

राजस्थान विधानसभा में बुधवार को विपक्ष ने मीना, मीणा आरक्षण विवाद और ललित मोदी प्रकरण में मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के त्यागपत्र की मांग को लेकर हंगामा हुआ। विपक्ष ने जहां दोनों मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश की वहीं सत्ता पक्ष ने विपक्ष पर नियमों की अवहेलना करने के आरोप लगाये।

जयपुर : राजस्थान विधानसभा में बुधवार को विपक्ष ने मीना, मीणा आरक्षण विवाद और ललित मोदी प्रकरण में मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के त्यागपत्र की मांग को लेकर हंगामा हुआ। विपक्ष ने जहां दोनों मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश की वहीं सत्ता पक्ष ने विपक्ष पर नियमों की अवहेलना करने के आरोप लगाये।

चौदहवीं विधानसभा के पंचवें सत्र के पहले दिन कांग्रेस ने सरकार से मीना और मीणा आरक्षण विवाद को लेकर प्रदेश में तनावपूर्ण माहौल बनाने और मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे द्वारा पूर्व आईपीएल प्रमुख ललित मोदी की कथित मदद करने की वजह से देश में प्रदेश की बदनामी होने का आरोप लगाते हुए राजे से मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने की मांग की।

नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी ने कहा कि मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे द्वारा ललित मोदी की मदद करने के कारण प्रदेश की बदनामी हुई है और राजे को मुख्यमंत्री पद से त्यागपत्र देना चाहिए। संसदीय कार्यमंत्री राजेन्द्र राठौड़ ने नेता प्रतिपक्ष के आरोप पर कड़ा ऐतराज करते हुए कहा कि प्रतिपक्ष नियमों के तहत आकर आरोप लगाये, सरकार उसका जवाब देगी। इस मुद्दे को लेकर सदन में काफी देर तक हंगामा होता रहा।

हंगामे के बीच ही सदन में गृह राज्य मंत्री गुलाब चंद कटारिया ने राजस्थान आर्थिक रूप से पिछड़ा वर्ग (राज्य में शैक्षिक संस्थानों में सीटों का आरक्षण और सेवाओं में नियुक्तियां तथा पद) विधेयक 2015 और राजस्थान विशेष पिछड़ा वर्ग (राज्य में शैक्षिक संस्थानों में सीटों का आरक्षण और सेवाओं में नियुक्तियां तथा पद) विधेयक 2015 विधेयक पेश किये। कुल मिला कर 15 विधेयक पेश किए गए। 

इसके बाद सदन में पूर्व राष्ट्रपति डॉ एपीजे अब्दुल कलाम आजाद, बिहार के पूर्व राज्यपाल आर एस गवई, हिमाचल प्रदेश की पूर्व राज्यपाल शीला कौल समेत ग्यारह पूर्व जनप्रतिनिधियों, आंध प्रदेश के राजमुंदरी में मची भगदड़, नेपाल में आये भूकम्प, मध्य प्रदेश के माचक नदी के पुल पर हुई रेल दुर्घटना, मध्य प्रदेश के झाबुआ में एक इमारत में रखे खनन विस्फोटकों में मारे गये लोगों को श्रद्धांजलि दी गई। विधानसभा अध्यक्ष कैलाश मेघवाल ने दिवंगतों को श्रद्धांजलि देने के बाद सदन की बैठक गुरुवार तक के लिए स्थगित कर दी।