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राजस्थान: मानसून में भी सूख रहा है बीसलपुर बांध, बढ़ सकती है पानी की समस्या

बांध परियोजना अधिकारियों के सूत्रों की मानें तो बांध में महज 2.2 टीएमसी पानी बचा है और जलदाय विभाग जब तक चाहेगा तब तक पानी की सप्लाई जारी रखेगा. 

राजस्थान: मानसून में भी सूख रहा है बीसलपुर बांध, बढ़ सकती है पानी की समस्या
बांध का पानी सूखने पर लोकल सोर्स काम में लेने की कोशिशे की जाएगी. (फाइल फोटो)

जयपुर/ पुरूषोत्तम जोशी: बीसलपुर बांध से लगातार राजस्थान में हाई अलर्ट जारी हो रहा है. रीते होते बीसलपुर बांध से हर कोई चिंतित है. जलदाय विभाग हो या फिर बांध परियोजना अधिकारी, यहां तक की सरकार और विपक्ष भी हैरान परेशान नजर आ रहा है लेकिन सबसे बड़ी बात तो यह है कि अब तक किसी ने सूखे से बचने के लिए कोई एक्शन प्लान तैयार नहीं किया. 

बांध परियोजना के अधिकारी बस उसके सूखने और पानी के घटते जल स्तर को लेकर जानकारी साझा कर रहे हैं. ना उनके पास बांध से पानी के लगातार हो रहे वाष्पीकरण के कोई इंतजाम है, ना ही कोई संसाधन है. हां इतना जरूर है कि बस कभी भी जयपुर, अजमेर, दौसा, टोंक सहित अन्य जिलों को सप्लाई किए जा रहे पानी के वाल्व बंद किए जा सकते है. जो पानी तीन से सात दिन के अंदर सप्लाई हो रहा है. अब उससे अधिक कटौती होना शुरू हो गई है क्योंकि अब बांध में पानी पूरी तरह से खत्म होने के कगार पर है.

बांध परियोजना अधिकारियों के सूत्रों की मानें तो बांध में महज 2.2 टीएमसी पानी बचा है और जलदाय विभाग जब तक चाहेगा तब तक पानी की सप्लाई जारी रखेगा. इधर बांध के मीठे पानी में अब मिट्टी घुलना शुरू हो गई है. जिसके चलते बांध के पानी का रंग भी बदलने लगा है. जो बांध के फिल्टर प्लांट सूरजपुरा, राजमहल की मशीनों में साफ देखा जा सकता है. जहां फिल्टर हो रहे पानी के साथ मिट्टी के ढेर फिल्टर मशीनों को जाम करने पर आमादा हो रहे हैं. कभी भी मशीनों को खराब भी कर सकते है. यानी बांध में कुछ पानी बचा भी सही तो फिल्टर खराब होने से पानी की सप्लाई कभी भी रोकी जा सकती है. 

जिस तरह से मई, जून की भीषण गर्मी में पानी के लिए त्राहीमाम करते आमजन नजर आए थे. जिस पानी की एक बाल्टी के टकराव सड़कों पर हो रहे थे. वैसे ही हालात झूमते सावन के महीने में कभी भी राजधानी जयपुर सहित आधा दर्जन जिलों में देखने को मिल सकते हैं. जलदाय विभाग के अधिकारी राजसिंह चौधरी ने बताया कि बांध की कुल भराव क्षमता 315.50 आरएल मीटर है और अभी 304.94 आरएल मीटर पानी भरा है. जिसमें करीब 2.2 टीएमसी पानी है. जिसमें से करीब 20 एमलीडी पानी की सप्लाई टोंक को दी जा रही है. 300-400 एमलीडी पानी जयपुर को दिया जा रहा है. साथ ही अजमेर को भी 200 से 250 एमलीडी पानी दिया जा रहा है. 

जिसमें भी इन दिनों भारी कटौती की जा रही है. इसके साथ ही चौधरी ने कहा कि बांध का पानी सूखने पर लोकल सोर्स काम में लेने की कोशिशे की जा रही है. उन्हे तैयार किया जा रहा है. जिनमें ट्यूबवैल्स, हैंडपम्प, कुए आदि हैं. जहां कहीं पानी है वहां से पानी सप्लाई करने की कोशिश की जाएगी. इधर आमजन, जलदाय विभाग द्वारा किए जा रहे पानी सप्लाई के दावे को पूरी तरह से झूठा बता रहा हैं और कह रहे हैं कि पिछले तीन-चार महीनों से पानी की सप्लाई राम भरोसे हो रही है. हैंडपम्प सूख गए हैं, ट्यूबवेलों की तस्वीरे नजर नहीं आ रही है.