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राजस्थान: विधानसभा के आगामी सत्र में कांग्रेस को इन मुद्दों पर घेरने की तैयारी कर रही बीजेपी

विधानसभा चुनाव के बाद से ही बीजेपी किसान कर्ज माफी के वादे और उसके क्रियान्वयन पर सवाल उठाती रही है लेकिन आधिकारिक रूप से सरकार के जवाब मांगने के लिए इस बार मजबूत तैयारी हो रही है.

राजस्थान: विधानसभा के आगामी सत्र में कांग्रेस को इन मुद्दों पर घेरने की तैयारी कर रही बीजेपी
फाइल फोटो

जयपुर: राजस्थान विधानसभा का आगामी सत्र खासा रोचक और हंगामेदार होने के आसार बनते दिख रहे हैं. दरअसल, सत्र से ठीक पहले मुख्य विपक्षी पार्टी ने सरकार को घेरने के लिए विशेषज्ञों की सेवाएं ली हैं. इन विशेषज्ञों में संसदीय प्रक्रिया के जानकारों के साथ ही पूर्व सहकारिता मंत्री अजय किलक का नाम भी शामिल है. किलक ने किसानों की कर्ज माफी के मुद्दे पर सरकार को घेरने के लिए बीजेपी विधायकों को टिप्स दिए हैं.

विधानसभा के बजट सत्र से पहले बीजेपी ने अपने विधायक दल की बैठक बुलाई. वैसे तो हर सत्र से पहले यह प्रक्रिया होती है. लिहाजा कई लोगों के लिए यह बैठक कोई विशेष खबर नहीं होगी लेकिन जिस तरह इस बैठक में बीजेपी की तैयारियों का स्तर दिखा उसे देखकर लगता है कि पार्टी इस बार सरकार को हर मोर्चे पर घेरना चाहती है. ऐसा इसलिए .क्योंकि पार्टी ने मुद्दे तय करने के साथ ही इन पर तैयारी के लिए विशेषज्ञों की मदद ली है. इस बार सरकार के खिलाफ सबसे बड़े मुद्दे के रूप में बीजेपी का हथियार होगा किसान कर्ज माफी का ऐलान और उसकी पालना. 

दरअसल, विधानसभा चुनाव के बाद से ही बीजेपी किसान कर्ज माफी के वादे और उसके क्रियान्वयन पर सवाल उठाती रही है लेकिन आधिकारिक रूप से सरकार के जवाब मांगने के लिए इस बार मजबूत तैयारी हो रही है. यही कारण रहा कि विधायक दल का सदस्य नहीं होने के बावजूद बीजेपी ने इस बैठक में पूर्व सहकारिता मंत्री अजय सिंह किलक को बुलाया.

पूर्व सहकारिता मंत्री अजय सिंह किलक ने बैठक में बताया कि किसानों से कर्ज माफी के नाम पर कांग्रेस सत्ता में तो आई लेकिन सरकार में आने के बाद अपना वादा पूरा नहीं किया. किलक ने कांग्रेस की घोषणा के साथ ही सरकार की तरफ से योजना के क्रियान्वयन पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि अगर कर्ज माफी हुई है तो फिर उसके बावजूद किसानों को नोटिस क्यों दिए गए और कर्ज के बोझ तले दबे किसानों ने आत्महत्या क्यों की?

किलक ने अपने प्रीपेटरी नोट में बीजेपी विधायकों को यह भी बताया कि किसानों की कर्ज माफी वसुंधरा सरकार में किस तरह की गई थी. साथ ही उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार में किसानों को नए कर्ज बांटने में भी देरी हो रही है. इस देरी के साथ ही किलक ने किसान के नाम पर ज़मीन होने पर ही कर्ज देने के प्रावधानों पर सवाल उठाते हुए कहा कि इससे किसानों के परिवार के सदस्य, बंटाईदार और दूसरे कई लोग वंचित रह जाएंगे. किलक का दावा है कि सरकार की बंदिशें रहीं तो किसानों को मिलने वाली कर्ज की रकम में तकरीबन 45 फीसदी से ज्यादा की कटौती हो सकती है. इस बैठक में किलक ने किसानों की कर्ज माफी से जु़ड़े आंकड़े भी विधायकों को बताए.

अपने विधायकों को किसानों की कर्ज माफी के मुद्दे के साथ ही लॉ एण्ड ऑर्डर के मसले पर घेरने के लिए नेता प्रतिपक्ष और पूर्व गृह मंत्री गुलाबचंद कटारिया ने विशेष टिप्स दिए. एनसीआरबी के आंकड़ों के आधार पर तैयारी करने के साथ ही कटारिया ने कहा कि इस मुद्दे पर किसी भी विधायक को जरूरत हो तो वह उनकी मदद ले सकता है.