Rajasthan Budget 2020: गहलोत सरकार के बजट पर महेश जोशी ने दिया बड़ा बयान

जोशी ने यह भी कहा कि रियल एस्टेट सेक्टर को संजीवनी देने के लिए डीएलसी दरें 10 प्रतिशत घटाने सहित अन्य प्रावधान प्रदेश के विकास की नई इबारत लिखेगी.

Rajasthan Budget 2020: गहलोत सरकार के बजट पर महेश जोशी ने दिया बड़ा बयान
महेश जोशी ने सीएम अशोक गहलोत द्वारा पेश बजट को शानदार बताया है.

जयपुर: राजस्थान विधानसभा के मुख्य सचेतक महेश जोशी ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की ओर से पेश किए गए बजट को शानदार बताया है. जोशी ने कहा है कि बजट में सभी वर्गों का ध्यान रखा गया है. प्रदेश में पहली बार एक नए तरीके से बजट को सात संकल्पों के साथ पेश किया गया है. स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं और उन लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए बजटीय प्रावधान कर लक्ष्यों की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त किया है.

साथ ही, महेश जोशी ने कहा कि युवाओं को 53 हजार नौकरियां देने की घोषणा से प्रदेश के युवाओं के लिए बेहतर जिंदगी का अवसर प्राप्त होगा. चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं के लिए साढ़े 14 हजार करोड़ के बजट प्रावधान के साथ ही निरोगी राजस्थान अभियान के सुदृढ़ प्रबंधन के लिए 100 करोड़ की अतिरिक्त राशि लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के लिए निर्धारित की गई है. शुद्ध के लिए युद्ध अभियान के लिए पृथक से प्राधिकरण का गठन लोगों के स्वास्थ्य के प्रति सकारात्मक कदम है.

जोशी ने यह भी कहा कि रियल एस्टेट सेक्टर को संजीवनी देने के लिए डीएलसी दरें 10 प्रतिशत घटाने सहित अन्य प्रावधान प्रदेश के विकास की नई इबारत लिखेगी. प्रदेश में शिक्षा को बढ़ावा देने और शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए बजट में विशेष प्रावधान किए गए है. स्कूली छात्रों के चहुंमुखी विकास के लिए शनिवार को स्कूलों में 'नो बैग डे' रखने का प्रावधान किया है.

शनिवार के दिन बच्चों को सह शैक्षिक गतिविधियों में व्यस्त रखा जाएगा. साथ ही स्कूली बच्चों के अभिभावकों के साथ शिक्षकों की मीटिंग भी हो सकेगी. खेलों के विकास पर विशेष फोकस बजट रखा गया है. पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने के लिए भी प्रावधान किए गए हैं. खिलाड़ियों की इनामी राशि की कई गुना बढ़ाया गया है. वाल्मीकि समाज को विशेष राहत प्रदान करने के लिए सीवरेज सफाई के लिए अब मशीनों का प्रयोग होगा.

वहीं, किसानों को दिन में बिजली देने का प्रावधान अन्नदाता को बड़ी राहत दी गई है. प्रदेश में बेरोजगार, युवा, महिला, बुजुर्ग, कृषक वर्ग सहित सभी वर्गों के लिए सीएम गहलोत ने पिटारा खोला है. मुख्यमंत्री गहलोत ने कुल बजट का 49.8 फीसदी हिस्सा सामाजिक सुरक्षा के लिए निर्धारित किया है, जो अपने आप में कल्याणकारी सोच है.