Rajasthan Budget 2021 में होगा बचत का फॉर्मूला! गहलोत सरकार से लोगों ने की यह मांग

Rajasthan Budget 2021 News: मौजूदा वित्त वर्ष में 33922.78 करोड़ रुपए तक सरकार उधार लेगी. लेकिन अब तक सरकार 33218 करोड़ रुपए का कर्ज बाजार से ले चुकी है.

Rajasthan Budget 2021 में होगा बचत का फॉर्मूला! गहलोत सरकार से लोगों ने की यह मांग
राजस्थान बजट को लेकर सरकार तैयारियों में जुटी हई है.

Jaipur: आम बजट 2021 के बाद अब बारी राजस्थान सरकार के बजट की है. 10 फरवरी से राजस्थान विधानसभा (Rajasthan Vidhansabha) के बजट सत्र की शुरूआत राज्यपाल कलराज मिश्र (Kalraj Mishra) के अभिभाषण के साथ होगी. वित्त विभाग के अधिकारियों ने अधिकतर बजट प्रस्तावों को फाइनल टच दे दिया है.

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत विभिन्न संगठनों, उद्यमियों, विशेषज्ञों और विभागों से राय मशविरा कर चुके हैं. राजस्थान सरकार केंद्र सरकार के बजट को लेकर निराशा जाहिर कर चुकी है. ऐसे में केंद्र प्रवृर्तित योजनाओं में राज्य की हिस्सा राशि, नई योजनाओं के लिए अतिरिक्त धनराशि, उद्योगपतियों और कारोबारियों की रियायत की मांगों, पर्यटन सेक्टर को बूस्टअप देने की कोशिशों समेत वैट और ईवे बिल को लेकर कुछ अहम घोषणाएं बजट में संभव है. यहां सबसे महत्वपूर्ण यह है की बजट में बचत का खाका भी साफ नजर आएगा.

दरअसल, केंद्र सरकार के बजट से गहलोत सरकार नाखुश है. कई अहम योजनाओं के बजट में कटौती और ढ़ांचागत विकास के लिए धन आवंटन नहीं होने से भावी विकास योजनाओ पर असर है. प्रदेश सरकार के वर्तमान वित्तीय हालातों पर नजर डाले तो राजस्थान सरकार ने बजट में मौजूदा वित्त वर्ष में राजस्व घाटे 12345 करोड़ रुपए रहने का अनुमान रखा गया था जो अब बढ़कर 27607 करोड़ रुपए हो चुका है.

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सरकार पर 33218 करोड़ का कर्ज
मौजूदा वित्त वर्ष में 33922.78 करोड़ रुपए तक सरकार उधार लेगी. लेकिन अब तक सरकार 33218 करोड़ रुपए का कर्ज बाजार से ले चुकी है. हालत यह है कि सरकार के पास मौजूदा बजट की बड़ी घोषणाओं को आगे बढ़ाने लायक पैसा ही नहीं है जबकि आगामी बजट में कारोबारियों की उम्मीद अधिक है.

वरिष्ठ आर्थिक विशेषज्ञ सीएल यादव का कहना है कि सरकार को अपनी आय बढ़ाने पर फोकस करना होगा. इसके लिए बकाया मामलों के निस्तारण के लिए एमनेस्टी स्कीम लाकर अतिरिक्त राशि जुटाई जा सकती है. इसके साथ ही प्रदेश के हिस्से के टैक्स की विभिन्न माध्यमो से हो रही चोरी भी रोकी जा सकती है.

फोर्टी के कार्यकारी अध्यक्ष अरूण अग्रवाल का कहना है कि कोरोना महामारी से प्रत्येक सेक्टर त्रस्त है. ऐसे में बजट से उम्मीदें बढ़ना भी स्वाभाविक है. खासकर उद्योग और कारोबार देना बड़ी चुनौती है. गहलोत सरकार VAT में एमनेस्टी स्कीम को लेकर सक्रियता दिखाए तो राहत होगी.

वहीं, VKI के उद्यमी ताराचंद चौधरी का कहना है कि रीको ई ऑक्शन सीमित रखे तो वास्तविक उद्यमी को राहत मिले. उद्योगों के प्रति किलो वॉट बिजली के स्थायी शुल्क में भी रहात दी जाए. कारोबारियों का कहना है कि कई ऐसी राहतें उद्यमियों को चाहिए ताकि उनको हुए नुकसान से उबरते हुए अपने उद्योग को संचालित कर सकें. 

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रेवेन्यू-इंफ्रा में रियायत की उम्मीदें
खासकर रेवेन्यू, इंफ्रा को लेकर अधिक रियायत की उम्मीद है. बिजली की दर को 'वन नेशन वन टैरिफ' के आधार हो, सभी उद्योगों को बराबर फायदा हो. जीएसटी प्रावधानों में कई खामियां बरकरार है, राज्य सरकार उन्हें दूर करवाएं. ई-वे बिल के प्रावधान को 50 हजार से बढ़ाकर 1 लाख तक करें.

        आगामी बजट को लेकर मांगें-

  • सीमेंट उद्योग में ट्रेड और नॉन ट्रेड विसंगति दूर हो.
  • बिजली की दर को वन नेशन वन टैरिफ के आधार करने की मांग.
  • ई-वे बिल की सीमा 1 लाख करने की मांग.
  • GST की खामियों को दूर करने का प्रयास हो.
  • एमनेस्टी स्कीम को लागू किया जाए.
  • टूरिज्म और ट्रेवल सेक्टर को मदद के प्रावधान हो.
  • मुद्रांक शुल्क में विभिन्न सेक्टर को राहत दी जाए.
  • उद्योगों को बिजली बिल का फिक्स चार्ज कम हो.
  • स्टांप ड्यूटी में राहत दी जाए.
  • चीनी पर एंट्री टैक्स में एमनेस्टी स्कीम लाई जाए.
  • मंडी शुल्क सभी जिंसो पर 0.50 प्रतिशत हो.
  • रीको के लैंड यूज शुल्क उद्यमियों के हित में हो.
  • DLC दरों को कम किया जाए.
  • पर्यटन सेक्टर को गति दी जाए.
  • नए रोजगार के संसाधन विकसित हो.
  • सरकारी भर्तिया समय पर पूरी हो.
  • महिला सुरक्षा और सायबर सिक्योरिटी के लिए अतिरिक्त फंड हो.
  • किसान और उद्यमियों को कर्ज उपलब्धता सुगम हो.

17 फरवरी को आएगा बजट!
जानकारी के अनुसार, राज्य सरकार 17 फरवरी को अपना बजट पेश कर सकती है. मुख्यमंत्री Ashok Gehlot वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए यह बजट पेश करेंगे. उससे पहले 9 फरवरी को राज्य मंत्रिमंडल की बैठक भी प्रस्तावित है जिसमें सरकार की पूर्व की बजट घोषणाओं के साथ ही नई बजट घोषणाओं को लेकर मंत्रिमंडल के सदस्यों के साथ चर्चा कर उनकी राय जानी जा सकती है.

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उद्यमियों-कारोबारियों ने दिए सुझाव
राजस्थान विधानसभा का सत्र 10 फरवरी से शुरू होगा. प्रदेश के उद्यमियों और कारोबारियों ने भावी बजट को लेकर अपने सुझाव दिए है. इनमें कोरोना संक्रमण को देखते हुए विभिन्न राहत देने की मांग उठाई जा रही है. गहलोत सरकार भी उन बिंदुओं पर फैसला ले सकती है जिनपर केंद्र से राहत नहीं मिली है.