'अंतर्राष्ट्रीय MSME दिवस' आज, अर्थव्यवस्था में है इस सेक्टर का अहम योगदान

राजस्थान में अब नया उद्योग लगाना आसान है. अब 3 साल तक नया उद्योग लगाने के लिए सरकारी मंजूरी की जरूरत नहीं है.

'अंतर्राष्ट्रीय MSME दिवस' आज, अर्थव्यवस्था में है इस सेक्टर का अहम योगदान
प्रतीकात्मक तस्वीर.

जयपुर: आज 'अंतर्राष्ट्रीय एमएसएमई दिवस' है. देश और प्रदेश की अर्थव्यवस्था में एमएसएमई सेक्टर का योगदान 37 फीसदी का है. देशभर में 30 करोड़ और प्रदेश में 38 लाख लोगों को यह सेक्टर रोजगार मुहैया करवा रहा है. 

राजस्थान में 8 लाख पंज़ीकृत सूक्ष्म, लद्यु और मध्यम आकार की इकाइयां कार्यरत हैं. वहीं असंगठित क्षेत्र को मिलाकर 26 लाख एमएसएमई यूनिट्स कार्यरत हैं. राजस्थान में इस सेक्टर में 80 हजार करोड़ रुपये का निवेश अब तक हो चुका हैं. एमएसएमई सेक्टर विकसित हों, इसके लिए प्रयास जारी हैं.

मुख्य बिंदु
'अंतर्राष्ट्रीय एमएसएमई दिवस' आज
27 जून को मनाया जाता है एमएसएमई दिवस
राजस्थान में एमएसएमई की ग्रोथ है बेहतर
अब तक 80 हजार करोड़ रुपये का हुआ निवेश
वित्त वर्ष 2018-19 में 11,589 करोड़ रुपये का इंवेस्टमेंट
बीते वित्त वर्ष में 10 हजार करोड़ रुपये का हुआ निवेश
प्रदेशभर में 38 लाख लोगों को दे रहा रोजगार अवसर
राजस्थान में 8 लाख पंज़ीकृत एमएसएमई इकाइयां कार्यरत
असंगठित क्षेत्र को मिलाकर 26 लाख इकाइयां कर रही काम

राजस्थान एमएसएमई बहुल प्रदेश हैं, प्रदेश के क्राफ्ट और परंपरागत उत्पादों को वैश्विक मंच एमएसएमई के बूते ही प्रदान किया जा रहा है. राजस्थान सरकार भी एमएसएमई में इजाफे के लिए नीतियों और कानून में आवश्यक संसोधन कर रही हैं. उद्यमियों को बिना अनुमति उद्योग संचालन की अनुमति देने वाला पहला प्रदेश भी राजस्थान बना है. एमएसएमई पोर्टल के जरिए प्रदेश में कोई भी स्टार्टअप और इंडस्ट्री बिना पूर्व अनुमति के शुरू हो सकती है, साथ ही राज्य करों में रियायत का भी प्रावधान है.

राजस्थान में अब नया उद्योग लगाना आसान है. अब 3 साल तक नया उद्योग लगाने के लिए सरकारी मंजूरी की जरूरत नहीं है. पहले नया उद्योग लगाने के लिए कई तरह की सरकारी मंजूरियां लेनी पड़ती थी. इससे उद्यमियों का बहुत सा वक्त जाया होता था, लेकिन अब बिना किसी मंजूरी के सीधे उद्योग लगा सकेंगे. इससे जुड़ा एमएसएमई बिल पारित करने वाला राजस्थान अग्रणी राज्य है. 

राजस्थान का एमएसएमई सेक्टर नई तकनीक के साथ आगे बढ़ रहा है. देश और विदेशी की नामी कपंनियों के लिए प्रमुख सप्लायर की भूमिका में यह इकाइयां हैं. राजस्थान में बनने वाली रिफाइनरी क्षेत्र में प्रस्तावित पेट्रो कैमिकल हब राजस्थान के इस सेक्टर को नई ऊंचाइयां देगा. लॉकडाउन से प्रभावित ईकाईयों को भी राज्य सरकार नीतिगत संबंल देने की तैयारी में है, इसके लिए गठित की गई टॉस्क फोर्स की रिपोर्ट पर मंथन जारी है.