close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

राजस्थान: 4 आईएएस, 7 आईपीएस और 1 आईएफएस को दिया गया आरोप पत्र- बीडी कल्ला

ऊर्जा मंत्री बुलाकी दास कल्ला ने मंगलवार को विधानसभा में बताया कि किसी भी प्रकरण में दोषी पाए जाने पर भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी को संबंधित प्रशासनिक विभाग द्वारा नोटिस दिया जाता है तथा अधिकारी के सहमत नहीं होने पर मामला कार्मिक विभाग में आता हैै. 

राजस्थान: 4 आईएएस, 7 आईपीएस और 1 आईएफएस को दिया गया आरोप पत्र- बीडी कल्ला
फाइल फोटो

जयपुर: ऊर्जा मंत्री बुलाकी दास कल्ला ने मंगलवार को विधानसभा में बताया कि किसी भी प्रकरण में दोषी पाए जाने पर भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी को संबंधित प्रशासनिक विभाग द्वारा नोटिस दिया जाता है तथा अधिकारी के सहमत नहीं होने पर मामला कार्मिक विभाग में आता हैै. 

कल्ला प्रश्नकाल में विधायकों द्वारा पूछे गए पूरक प्रश्नों का कार्मिक मंत्री की ओर से जवाब दे रहे थे. उन्होंने बताया कि भारतीय प्रशासनिक सेवा के चार अधिकारियों को आरोप पत्र जारी किए गए. जबकि 14 मामले विचार स्तर पर समाप्त किए गए तथा एक अधिकारी सी आर मजीट को नियम 10 के तहत नोटिस जारी किया गया. भारतीय पुलिस सेवा के सात अधिकारियों को आरोप पत्र जारी किए गए हैं. इनमें पांच प्रकरण विचार स्तर पर समाप्त किए गए तथा एक अधिकारी को अन्तिम आदेश जारी किया गया. उन्होंने बताया कि भारतीय वन सेवा के एक अधिकारी को आरोप पत्र जारी किया गया तथा यह प्रकरण अभी समाप्त नहीं हुआ है. 

भारतीय प्रशासनिक सेवा के जिन अधिकारियों को आरोप पत्र जारी किए गए हैं  उनमें जी. एस. सन्धू, सूआ लाल भाटी, हंसा सिंह, जोगाराम, गोविन्द शर्मा, हेमराज एवं अबताब हुसैन है. इसी प्रकार भारतीया पुलिस सेवा के अधिकारी पंकज कुमार चौधरी को दो आरोप पत्र जारी किए है. चौधरी को संघ लोकसेवा आयोग के आदेश संख्या 18 अक्टुबर, 2017 के द्वारा परिनिन्दा के दण्ड से दण्डित किया गया. इसके अतिरिक्त चौधरी को भारत सरकार के गृह मंत्रालय के आदेश दिनांक 8 फरवरी, 2019 के द्वारा भी दण्डित किया गया है. वन विभाग के नियम 8 के तहत एक अधिकारी को आरोप पत्र जारी किया गया तथा आरोप प्रमाणित पाए जाने पर अखिल भारतीय वन सेवा के नियम 1992 के नियम 6 के तहत दण्डित किए जाने हेतु प्रस्ताव मुख्यमंत्री से अनुमोदन के उपरान्त भारत सरकार को भेजा गया. इसके बाद भारत सरकार के वन मंत्रालय के 8 फरवरी, 2019 के आदेश द्वारा अधिकारी को दण्डित किया गया.

इससे पहले विधायक संयम  लोढ़ा के मूल प्रश्न के जवाब में कल्ला ने बताया कि आईएएस अम्बरीष कुमार द्वारा राज्य सरकार की बिना अनुमति के एक जून, 2015 से 12 जून, 2015 की अवधि में की गई विदेश यात्रा के संबंध में 18 जून, 2019  द्वारा स्पष्टीकरण चाहा गया हैा अम्बरीष कुमार, आईएएस, द्वारा दिए गए स्पष्टीकरण पर सक्षम स्तर से यह निर्णय लिया गया है कि भविष्य में इस प्रकृति का आचरण दंढ को आकर्षित करेगा एवं उक्त अवधि की विदेश यात्रा की कार्योत्तर स्वीकृति अनुमोदन उपरान्त स्वीकृति जारी की गई. राजेन्द्र कुमार जोशी (से.नि.), आईपीएस, द्वारा बिना स्वीकृति के प्रतिनियुक्ति अवधि (5 वर्ष 11 माह 2 दिवस) समाप्ति के पश्चात (1 अगस्त, 2009 से 2 जुलाई, 2015 तक) भी विभाग में उपस्थिति नहीं देने के कारण 15 अक्टूबर, 2015 को स्पष्टीकरण चाहा गया है.राजेन्द्र कुमार जोशी (से.नि.), आईपीएस, को जारी स्पष्टीकरण के पश्चांत प्रतिनियुक्ति अवधि समाप्ति पर अपने पैतृक विभाग में उपस्थिति नहीं दिया जाना राज्य सेवा के प्रति कर्तव्य या दायित्व  को नहीं निभाने व घोर लापरवाही बरतने का द्योतक होने के कारण आरोप पत्र जारी किया गया. उन्होंने बताया कि कार्मिक (क-3/जॉच ख) विभाग द्वारा जारी चार्जशीट एफ 1(242) कार्मिक/क-3/2016 3 मार्च, 2017 के विरुद्व माननीय केन्द्रीय प्रशासनिक अधिकरण, जयपुर में ओ.ए. संख्या 1 291/513/217 राजेन्द्र जोशी बनाम भारत संघ व अन्य दायर की गई जिसमें स्थागन जारी किया गया है जो आज दिनांक तक प्रभावी है, एवं जिसमें सुनवाई 16 सितम्बर, 2019 नियत है.

विजय शंकर पाण्डे आईएफएस द्वारा 18 जून, 2018 से 29 जून, 2018 तक की अवधि का उपार्जित अवकाश राज्य सरकार की बिना अनुमति के उपभोग किए जाने के कारण 21 अगस्त, 2018 को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है.  विजय शंकर पाण्डेे, आईएफएस को दिए गए नोटिस के संबंध में वन विभाग द्वारा पाण्डे द्वारा दिए गए कारण में उक्त अवधि में उपार्जित अवकाश के स्थान पर आकस्मिक अवकाश का उपभोग किए जाने के कारण प्रस्ताव नत्थी किया गया है.  एम.एल. मीणा, आईएफएस द्वारा 2 मई, 2018 से 11 मई, 2018 तक की अवधि का उपार्जित अवकाश राज्य सरकार की बिना अनुमति के उपभोग किए जाने के कारण 14 अगस्त, 2018 को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है.  एम.एल. मीणा, आईएफएस को जारी कारण बताओ नोटिस के संदर्भ में मीणा द्वारा प्रस्तुत स्पष्टीकरण में प्रधान मुख्य वन संरक्षक (एचओएफएफ) राजस्थान जयपुर की अभिशंषा अनुसार सक्षम स्तर से अनुमोदन उपरान्त  उपार्जित अवकाश स्वीकृति आदेश जारी किए गए. सुदीप कौर, आईएफएस द्वारा 21 मई, 2018 से 1 जून, 2018 तक की अवधि का उपार्जित अवकाश राज्य सरकार की बिना अनुमति के उपभोग किए जाने के कराण 21 अगस्त, 2018 को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है. सुदीप कौर, आईएफएस  को जारी कारण बताओ नोटिस के संदर्भ में कौर द्वारा प्रस्तुत स्पष्टीकरण में वन विभाग द्वारा भविष्य में इसकी पुनरावृति नहीं की जाएगी की अभिशंषा अनुसार सक्षम स्तर पर अनुमोदन उपरान्त उपार्जित अवकाश स्वीकृति आदेश जारी किए गए. 

आरएएस. शेखावत, आईएफएस द्वारा 7 मई, 2018 से 25 मई, 2018 तक की अवधि का उपार्जित अवकाश राज्य. सरकार की बिना अनुमति के उपभोग किए जाने के कारण 14 अगस्त, 2018 को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है.शेखावत, आईएफएस को जारी कारण बताओ नोटिस के संदर्भ में शेखावत द्वारा प्रस्तुभ्त स्पष्टीकरण में प्रशासनिक विभाग द्वारा भविष्य में उपार्जित अवकाश स्वीकृत कराकर ही प्रस्थान किए जाने की सक्षम  स्तर पर अनुमोदन उपरान्त उपार्जित अवकाश स्वीकृति आदेश जारी किए गए. खेमराज, आईएएस तत्कालीन प्रमुख शासन सचिव एवं गोविन्द  शर्मा, आईएएस द्वारा मैसर्स बिनानी सीमेन्ट लिमिटेड से वसूली योग्य 173 करोड़ रुपए की वसूली को स्थगित करने के संबंध में एवं कम्पनी की प्रारंभिक रूगणावस्था (Incipient Sickness½ का प्रकरण बिना कम्पनी के आवेदन सक्षम कमेटी का गठन प्रस्तावित करने के अरोप के संबंध में स्पष्टीेकरण चाहा गया .खेमराज, आईएएस  एवं गोविन्द शर्मा, आईएएस से प्राप्त  स्पष्टीकरण को अशा. टीप 10 जून, 2014 एवं 26 सितम्बर, 2014 और 17 अक्टूबर, 2014 से प्रेषित कर वित्त विभाग द्वारा एक सितम्बर, 2017 एवं एक फरवरी, 2014 से प्रेषित टिप्पणी का परीक्षण किए जाने पर खेमराज एवं गोविन्द शर्मा द्वारा प्रस्तुत स्पष्टीकरण को सन्तोषजनक पाए जाने पर खेमराज एवं गोविन्द  शर्मा को जारी कारण बताओं नोटिस को अशा. टीप  20 मार्च, 2016 के द्वारा निरस्त किया गया.

पूर्णचन्द किशन, तत्कालीन जिला कलक्टर, श्रीगंगानगर को एसीबी. फौजदारी विविध पिटीशन संख्या 1991/2012, भागवती देवी बनाम स्टेट आफ राजस्थान व अन्य में याची द्वारा अधिनस्थ न्यायालय उपखण्ड मजिस्टे्रट घड़साना जिला श्रीगंगानगर द्वारा पारित आदेश 29 जून, 2012 व 3 नवम्बर, 2003 के साथ विदान अपर सेशन न्यायाधीश अनूपगढ़ कैम्प, घड़साना, जिला श्रीगंगानगर द्वारा फौजदारी प्रकरण संख्या 91/2009 जमना देवी बगैरह बनाम भगवन्ती देवी व अन्य में 20 जुलाई, 2016 में उपखण्ड मजिस्ट्रेट घड़साना तथा जिला कलक्टर, श्रीगंगानगर द्वारा अभिलेख उपलब्ध नहीं कराने व सुनवाई दिनांक को रिकार्ड उपलब्ध कराने के कोई प्रयास नहीं करने एव न्यायालय नोटिस का कोई जवाब नहीं दिए जाने के कारण उक्त देानों अधिकारियों को अपने कर्तव्य के प्रति लापरवाही बरतने के क्रम में प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए उक्त दोनों अधिकारियों के विरूद्ध नियमानुसार अनुशासनिक कार्यवाही करने के क्रम में स्पष्टीकरण 08 फरवरी, 2016 को चाहा गया. पूर्णचन्द किशन तत्कालीन जिला कलक्टर, श्रीगंगानगर से प्राप्त प्रस्ताव का परीक्षण कर पूर्णचन्द किशन, द्वारा प्रस्तुत स्पंष्टीकरण को सन्तोषजनक पाए जाने के कारण उनके विरुद्ध जारी नोटिस को अशा. टीप 11 मार्च, 2016 के द्वारा प्रकरण समाप्त किया.